गैस की कीमतों में करीब 200% का इजाफा
नई दिल्ली: मिडिल-ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर(Adani) अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने लगा है। अडानी टोटल गैस (ATGL) ने अपने इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट के अनुसार, जो गैस पहले लगभग ₹40 प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) मिलती थी, उसकी कीमत अब बढ़ाकर ₹119 प्रति SCM कर दी गई है। यह बढ़ी हुई दरें मंगलवार से लागू हो गई हैं।
सप्लाई चैन और होर्मुज स्ट्रेट का संकट
कीमतों में इस बेतहाशा बढ़ोतरी का मुख्य कारण ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) में पैदा हुआ तनाव है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के कुल तेल व्यापार(Adani) का पांचवां हिस्सा और भारी मात्रा में LNG ले जाता है। ईरान पर हमलों के बाद इस रूट से जहाजों का आवागमन लगभग रुक गया है। अडानी टोटल गैस ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि जियो-पॉलिटिकल हालातों की वजह से उन्हें अपस्ट्रीम गैस की सप्लाई में भारी कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
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रूस और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
मिडिल-ईस्ट में ऊर्जा सप्लाई बाधित होने से वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति का अप्रत्यक्ष फायदा रूस को मिल सकता है। कच्चे तेल और गैस के महंगे होने से रूस की निर्यात कमाई बढ़ेगी, जो उसके बजट और सैन्य अभियानों को मजबूती प्रदान करेगी। वहीं दूसरी ओर, भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा की बढ़ती लागत एक बड़ी चुनौती बन गई है।
अडानी टोटल गैस ने इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए नई कीमतें क्या तय की हैं?
अडानी टोटल(Adani) गैस ने रोजाना कॉन्ट्रैक्ट की 40% मात्रा से ज्यादा इस्तेमाल होने वाली गैस की कीमतें ₹40 से बढ़ाकर ₹119 प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर ($1.30) कर दी हैं।
‘होर्मुज स्ट्रेट’ का बंद होना दुनिया के लिए चिंता का विषय क्यों है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोक पॉइंट’ है। वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल होने वाले कुल तेल का लगभग 20% और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की बड़ी खेप इसी रास्ते से गुजरती है। इसके बंद होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
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