केदारनाथ में विशेष पूजा और एरियल सर्वे
रुद्रप्रयाग: गौतम अडाणी(Adani) ने अपनी पत्नी प्रीति अडाणी के साथ केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव(Lord Shiva) का जलाभिषेक किया। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का एरियल सर्वे भी किया। अडाणी ने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी को अपनी असली शक्ति बताते हुए आभार व्यक्त किया और ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ नामक एक नई संवाद पहल की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य अडाणी परिवार के 4 लाख से अधिक कर्मचारियों से सीधे जुड़ना है।
दुर्गम सफर को आसान बनाएगा ‘दुनिया का सबसे ऊंचा रोपवे’
अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) द्वारा बनाया जा रहा यह 13 किलोमीटर लंबा रोपवे श्रद्धालुओं के लिए एक वरदान साबित होगा। वर्तमान में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक की 16 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई तय करने में 8 से 9 घंटे का समय लगता है, जिसे यह रोपवे मात्र 36 मिनट में पूरा कर देगा। यह प्रोजेक्ट आधुनिक ‘3S’ (थ्री-केबल) तकनीक पर आधारित है, जो खराब मौसम और तेज हवाओं में भी सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करती है।
अन्य पढ़े: GST कलेक्शन का नया शिखर: ₹2.43 लाख करोड़ के साथ रचा इतिहास
पर्वतमाला योजना और आर्थिक प्रभाव
लगभग 4,081 करोड़ रुपए की लागत वाला यह प्रोजेक्ट ‘पर्वतमाला योजना’ के तहत विकसित किया जा रहा है। इसकी क्षमता प्रति घंटे 1,800 यात्रियों को ले जाने की होगी, जिससे यात्रा के पीक सीजन के दौरान भीड़ प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी। सितंबर 2025 में अडाणी समूह को मिले इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग 5 साल का समय लगेगा, जिससे उत्तराखंड के पर्यटन और स्थानीय रोजगार को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे की तकनीकी विशेषताएं क्या हैं?
यह रोपवे दुनिया की सबसे उन्नत ‘3S’ (थ्री-केबल) तकनीक पर आधारित है। इसे विशेष रूप से ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के चुनौतीपूर्ण भूगोल और खराब मौसम के अनुकूल डिजाइन किया गया है, ताकि तेज हवाओं में भी यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे।
गौतम अडाणी ने ‘विश्व श्रमिक दिवस’ पर किस नई पहल की घोषणा की?
अडाणी ने अडाणी समूह के 4 लाख से अधिक कर्मचारियों से जुड़ने के लिए ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ नामक पहल की शुरुआत की है। इसके माध्यम से वे समय-समय पर अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे ताकि राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूती दी जा सके।
अन्य पढ़े: