ऑथेंटिसिटी लेबल और M.A.N.A.V फ्रेमवर्क
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई(AI) समिट में डीपफेक के खतरे से निपटने के लिए एक व्यावहारिक समाधान पेश किया। उन्होंने कहा कि जैसे खाद्य पदार्थों पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही एआई-जनरेटेड डिजिटल कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना अनिवार्य होना चाहिए। पीएम ने एआई के भविष्य के लिए M.A.N.A.V (मानव) विजन का प्रस्ताव रखा, जिसका अर्थ है—Moral (नैतिक), Accountable (जवाबदेह), National Sovereignty (संप्रभुता), Accessible (सुलभ) और Valid (वैध)। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत एआई को भय के रूप में नहीं, बल्कि अपने ‘भाग्य’ और विकास के टर्निंग पॉइंट के रूप में देख रहा है।
अंबानी और टाटा का मेगा प्लान: नौकरियों का डर खत्म और भारी निवेश
रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एआई(AI) की तुलना महाभारत के ‘अक्षय पात्र’ से करते हुए इसे असीमित अवसरों का स्रोत बताया। उन्होंने घोषणा की कि रिलायंस अगले 7 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी और जामनगर में एक विशाल एआई डेटा सेंटर स्थापित किया जा रहा है। वहीं, टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने OpenAI के साथ बड़ी साझेदारी का एलान किया। टाटा ग्रुप भारत का पहला ‘नेक्स्ट जनरेशन’ ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बनाएगा, जो वर्ल्ड-क्लास रैक आर्किटेक्चर और इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होगा।
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ग्लोबल लीडर्स का भरोसा: सुंदर पिचाई का 1.35 लाख करोड़ का ‘फुल स्टैक’ निवेश
गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने भारत की डिजिटल क्षमता पर भरोसा जताते हुए 1.35 लाख करोड़ रुपए के निवेश से ‘फुल स्टैक AI हब’ बनाने की बात कही। इसमें गीगावाट स्केल की कंप्यूटिंग और एक नया इंटरनेशनल सब-सी केबल गेटवे शामिल होगा। पिचाई ने जोर दिया कि एआई अरबों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की क्षमता रखता है। समिट में यह संदेश साफ रहा कि एआई नौकरियां छीनने के बजाय स्किलिंग और रिस्किलिंग के माध्यम से नए उच्च-कौशल वाले अवसर पैदा करेगा, जिससे इंसान और मशीन मिलकर भविष्य का निर्माण करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल कंटेंट के लिए ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ का सुझाव क्यों दिया?
प्रधानमंत्री ने डीपफेक और एआई द्वारा बनाए गए भ्रामक कंटेंट की पहचान को आसान बनाने के लिए ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ का सुझाव दिया। उनका मानना है कि जैसे खाने के पैकेट पर उसकी सामग्री की जानकारी होती है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर लेबल होने से जनता को असली और एआई-जनरेटेड कंटेंट के बीच फर्क पता चल सकेगा।
रिलायंस और टाटा ग्रुप ने समिट में क्या बड़े एलान किए हैं?
रिलायंस ने एआई क्षेत्र में ₹10 लाख करोड़ के निवेश और जामनगर में डेटा सेंटर बनाने का एलान किया है। वहीं, टाटा ग्रुप ने OpenAI के साथ साझेदारी की घोषणा की है, जिसके तहत वे भारत का पहला बड़े पैमाने पर ‘नेक्स्ट जनरेशन’ ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर स्थापित करेंगे।
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