ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు ఐటీ స్టాక్స్‌లో ‘ఏఐ’ ప్రకంపనలు.. కుప్పకూలిన ఇన్ఫోసిస్, టీసీఎస్ షేర్లు మళ్లీ పెరిగిన బంగారం ధరలు, ఇవాళ రేట్లు చూసారా చిల్లర కష్టాలకు చెక్: ఏటీఎంల నుంచి ఇకపై రూ.10, రూ.20 నోట్లు! ఆధార్ యూజర్లకు గుడ్ న్యూస్ భారీగా పెరిగిన బంగారం ధరలు ఖాదీ మహోత్సవంలో రికార్డు సేల్స్ యూజర్లకు జియో శుభవార్త RBI మరోసారి వడ్డీ రేట్లు తగ్గించే ఛాన్స్ నష్టాల బాటలో దేశీయ స్టాక్ మార్కెట్లు చారిత్రాత్మక కార్ల రికార్డు బ్యాంక్ ఖాతాలు క్లోజ్! పెరిగిన గ్యాస్ సిలిండర్ ధరలు

Ajay Banga: अजय बंगा का विजन: नौकरियां और शालीनता ही है विकास की असली चाबी

Author Icon By Dhanarekha
Updated: April 22, 2026 • 1:53 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

रोजगार और उम्मीद का अर्थतंत्र

नई दिल्ली: वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा(Ajay Banga) का मानना है कि गरीबी दूर करने का सबसे सशक्त माध्यम नौकरियां पैदा करना है। उनके अनुसार, वित्तीय आंकड़े अपनी जगह हैं, लेकिन असल इंजन ‘उम्मीद’ है। जब किसी व्यक्ति के पास काम होता है, तो वह न केवल कमाता है, बल्कि भविष्य के प्रति सकारात्मक(Positive) होकर निवेश और खर्च भी करता है। बंगा का तर्क है कि सरकार को केवल सही नीतियां और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर ध्यान देना चाहिए, जबकि नौकरियों का सृजन प्राइवेट सेक्टर, विशेषकर छोटे और मध्यम उद्योगों द्वारा किया जाना चाहिए

भारत का स्वर्णिम भविष्य और चुनौतियाँ

अजय बंगा भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर अत्यधिक आशावादी(Optimistic) हैं। पिछले दो दशकों में भारत में हुआ बुनियादी ढांचे का कायाकल्प और मध्यम वर्ग का तेजी से विस्तार देश के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। हालाँकि, वे आगाह भी करते हैं कि सफलता की कोई गारंटी नहीं होती। इसे बनाए रखने के लिए सरकार को लगातार बेहतर गवर्नेंस और कौशल विकास पर काम करना होगा, ताकि प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा हो सकें।

अन्य पढ़े: एपल का नया युग: जॉन टर्नस संभालेंगे कमान

लीडरशिप में ‘DQ’ और तकनीक की भूमिका

आज के दौर में IQ और EQ से कहीं ज्यादा ‘DQ’ यानी Decency Quotient (शालीनता का स्तर) महत्वपूर्ण है। बंगा के मुताबिक, एक सफल लीडर वही है जो ईमानदार हो और दूसरों को आगे बढ़ने का निष्पक्ष मौका दे। इसके अलावा, उन्होंने तकनीक, विशेषकर AI को भारत जैसे देशों के लिए एक वरदान बताया। यदि हम ‘स्मॉल AI’ का उपयोग कर किसानों और आम लोगों को सशक्त बना सकें, तो तकनीक प्रगति का सबसे बड़ा जरिया बन सकती है।

भारतीय मूल के लोगों के वैश्विक स्तर पर सफल होने के पीछे क्या कारण हैं?

अजय बंगा के अनुसार इसके तीन मुख्य कारण हैं। पहला ‘विविधता’, क्योंकि भारत में अलग-अलग संस्कृतियों के बीच रहने से हमें हर तरह के लोगों के साथ सामंजस्य बिठाना आता है। दूसरा ‘जुगाड़’ यानी लचीलापन, जिससे हम विपरीत परिस्थितियों में भी रास्ता निकालना जानते हैं। तीसरा ‘रिस्क लेने की क्षमता’, क्योंकि सफलता में 50% योगदान रिस्क लेने का होता है।

युवाओं के लिए आपकी क्या सलाह है?

युवाओं को हमेशा लचीला (Flexible) और अडॉप्टेबल बने रहना चाहिए। बंगा की सलाह है कि बाहर बैठकर आलोचना करने वाले ‘आर्मचेयर क्रिटिक’ न बनें, बल्कि मैदान में उतरकर बदलाव लाने का हिस्सा बनें। सबसे जरूरी बात यह है कि परिस्थितियों के बावजूद हमेशा आशावादी रहें।

अन्य पढ़े:

#AjayBanga #Breaking News in Hindi #DecencyQuotient #FutureOfIndia #Google News in Hindi #Hindi News Paper #IndianEconomy #JobCreation #WorldBank

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.