ऑफर फॉर सेल (OFS) और रियायती दर
नई दिल्ली: भारत सरकार ने BHEL में अपनी 5% हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है, जिसके लिए ₹254 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया है। यह फ्लोर प्राइस मौजूदा बाजार मूल्य से लगभग 8% कम है, जो निवेशकों के लिए एक आकर्षक(Attractive) एंट्री पॉइंट हो सकता है। सरकार(Government) इस विनिवेश के माध्यम से लगभग ₹4,422 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है। रिटेल निवेशकों के लिए बोली लगाने का मौका 12 फरवरी को सुबह 9:15 बजे से खुलेगा।
कंपनी का शानदार प्रदर्शन और मुनाफा
BHEL ने अपनी तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों में जबरदस्त प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 206% बढ़कर ₹382 करोड़ हो गया है। मुनाफे में आई इस भारी उछाल के साथ-साथ कंपनी के रेवेन्यू में भी 16% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि कंपनी के ऑपरेशंस और कार्यक्षमता में काफी सुधार आया है, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
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मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की संभावनाएं
हिस्सेदारी की बिक्री के बीच BHEL को ओडिशा से ₹2,800 करोड़ का एक बड़ा प्रोजेक्ट भी मिला है। यह प्रोजेक्ट ‘कोल-टू-अमोनियम नाइट्रेट’ प्लांट से संबंधित है, जिसमें डिजाइन से लेकर मेंटेनेंस तक का काम BHEL करेगा। भारी भरकम ऑर्डर बुक और सरकार के पास 63% से अधिक की बहुमत हिस्सेदारी यह सुनिश्चित करती है कि कंपनी पर सरकार का नियंत्रण और विकास की गति दोनों बरकरार रहेंगे।
‘ग्रीन शू ऑप्शन’ का BHEL के OFS में क्या मतलब है?
ग्रीन शू ऑप्शन का मतलब है कि यदि निवेशकों की मांग बहुत अधिक होती है, तो सरकार तय किए गए 3% हिस्से के अलावा 2% अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेच सकती है। इस तरह कुल हिस्सेदारी बिक्री 5% तक जा सकती है।
रिटेल निवेशक इस ऑफर का लाभ कैसे उठा सकते हैं?
रिटेल निवेशक 12 फरवरी को अपने ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे के बीच बोली लगा सकते हैं। उन्हें फ्लोर प्राइस (₹254) या उससे ऊपर की कीमत पर बोली लगानी होगी।
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