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Singapore Court : बायजूस के फाउंडर रविंद्रन को 6 महीने जेल की सजा

Author Icon By Surekha Bhosle
Updated: May 27, 2026 • 10:57 AM
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सिंगापुर कोर्ट का बड़ा फैसला, ₹67 लाख का जुर्माना भी लगाया

भारत की प्रमुख एडटेक कंपनी बायजूस के फाउंडर बायजूस रविंद्रन को सिंगापुर की अदालत ने 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें कंपनी की संपत्तियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को छिपाने का दोषी पाया। इसके साथ ही उन पर लगभग ₹67 लाख का भारी जुर्माना भी लगाया गया है।

सिंगापुर कोर्ट Singapore Court में चल रहे मामले के दौरान आरोप लगाया गया कि रविंद्रन (Byju Raveendran) ने जांच एजेंसियों और कोर्ट से कंपनी की वित्तीय जानकारी तथा कुछ अहम दस्तावेज छिपाए। अदालत ने इसे न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने वाला कदम माना।

देश की पहली बड़ी एजुकेशन टेक कंपनी ‘बायजूस’ (Byju’s) के मालिक बायजू रविंद्रन को सिंगापुर की एक अदालत ने 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट (Singapore Court) ने पाया कि रविंद्रन ने अपनी प्रॉपर्टी से जुड़े जरूरी कागजात छिपाए और अदालत के आदेशों को नहीं माना, जिसे ‘कोर्ट की अवमानना’ माना गया है।

सिंगापुर कोर्ट के मुताबिक, रविंद्रन अप्रैल 2024 से लगातार अपनी संपत्तियों से जुड़ी जानकारी देने के आदेशों को नजरअंदाज कर रहे थे। जब उन्होंने बार-बार अदालत की बात नहीं मानी, तो कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया और जेल भेजने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने रविंद्रन को तुरंत अधिकारियों के सामने सरेंडर करने को कहा है।

67 लाख रुपए का जुर्माना भी देना होगा

सजा के साथ-साथ रवींद्रन पर 90,000 सिंगापुर डॉलर (करीब 67 लाख रुपए) का जुर्माना भी लगाया गया है। उन्हें यह राशि कानूनी खर्च (लीगल कॉस्ट) के तौर पर देनी होगी।

कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने किया था केस

रवींद्रन के खिलाफ Singapore Court सिंगापुर की अदालत में यह मामला कतर के सॉवरेन वेल्थ फंड ‘कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी’ (QIA) की एक सहायक कंपनी ने दर्ज कराया था। QIA ने बायजू के उस फंडिंग राउंड में निवेश किया था, जब कंपनी भारी संकट से गुजर रही थी और अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही थी।

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इस मामले में कोर्ट में कतर होल्डिंग्स का पक्ष ‘ड्रू एंड नेपियर’ ने रखा। वहीं बायजू इन्वेस्टमेंट्स की ओर से ‘फर्वेंट चैंबर्स’ ने पैरवी की। फिलहाल रवींद्रन की ओर से इस सजा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह भी अभी स्पष्ट नहीं है कि वे वर्तमान में सिंगापुर में मौजूद हैं या किसी अन्य देश में।

अमेरिकी निवेशकों के साथ भी चल रही कानूनी लड़ाई

जेल की सजा का यह फैसला रवींद्रन के लिए ऐसे समय में आया है जब वे दुनिया भर में विदेशी निवेशकों के मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका में भी लेंडर्स उनसे 1.2 बिलियन डॉलर (करीब ₹11,000 करोड़) के लोन की वसूली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। यह लोन उस समय विवादों में आ गया था, जब कंपनी की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी थी।

रवींद्रन ने ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से अपनी कंपनी की शुरुआत की थी, जिसे दुनियाभर में ‘बायजूस’ के नाम से जाना गया। एक समय में वे भारत के सबसे सफल स्टार्टअप फाउंडर्स में गिने जाते थे और इस कंपनी ने उन्हें अरबपति बना दिया था। वैश्विक कंपनियों से बड़े पैमाने पर निवेश हासिल करने वाली यह कंपनी कभी भारतीय स्टार्टअप जगत की सबसे बड़ी ‘सक्सेस स्टोरी’ मानी जाती थी।

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