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CONSUMER LOAN: कंज्यूमर लोन मार्केट में उछाल

Author Icon By Dhanarekha
Updated: December 24, 2025 • 2:11 PM
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पर्सनल लोन की मांग बढ़ी, क्रेडिट कार्ड में सुस्ती

नई दिल्ली: देश में उपभोक्ता ऋण(CONSUMER LOAN) के रुझानों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में पर्सनल लोन के वितरण में 23% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। विशेष रूप से जुलाई-सितंबर की तिमाही में यह आंकड़ा 35% तक पहुंच गया। यह पिछले साल की तुलना में एक बड़ी रिकवरी(Big Recovery) है, जब इसी सेगमेंट में गिरावट देखी जा रही थी। अब लोग टीवी, फ्रिज और मोबाइल जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए भी बैंक से कर्ज लेने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं

क्रेडिट कार्ड के प्रति घटा रुझान

जहां एक तरफ पर्सनल और कंज्यूमर लोन(CONSUMER LOAN) बढ़ रहे हैं, वहीं क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में सुस्ती का माहौल है। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से सितंबर के बीच नए क्रेडिट कार्ड जारी होने की संख्या में 28% की बड़ी कमी आई है। यह दर्शाता है कि उपभोक्ता अब अनसिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड के बजाय सीधे लोन विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्राइवेट बैंकों ने इस दौरान लोन मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जो भविष्य की अर्थव्यवस्था(Economy) के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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मजबूत आय वाले ग्राहकों पर फोकस

कर्ज बढ़ने का यह मतलब नहीं है कि लोग आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं, बल्कि यह बढ़ती खपत का प्रतीक है। बैंक अब उन लोगों को बड़ी राशि के पर्सनल लोन(CONSUMER LOAN) दे रहे हैं जिनकी आय स्थिर है और क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत है। इसका सीधा अर्थ है कि कर्ज वही लोग ले रहे हैं जो इसे चुकाने में सक्षम हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि लोग अब छोटे इमरजेंसी खर्चों के बजाय अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाने और बड़ी जरूरतों के लिए सोच-समझकर कर्ज ले रहे हैं।

पिछले वर्ष की तुलना में इस साल पर्सनल लोन के वितरण में क्या अंतर आया है?

पिछले वित्त वर्ष में जहां कंज्यूमर लोन की ग्रोथ -3% से 11% के बीच थी, वहीं इस साल की पहली छमाही में यह बढ़कर 23% हो गई है। जुलाई-सितंबर तिमाही में तो पर्सनल लोन(CONSUMER LOAN) वितरण में 35% की भारी बढ़ोतरी देखी गई।

क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में मौजूदा स्थिति क्या है?

क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में वर्तमान में सुस्ती देखी जा रही है। पिछले साल की तुलना में अप्रैल-सितंबर के दौरान नए क्रेडिट कार्ड जारी होने की दर में 28% की गिरावट आई है, जो दर्शाता है कि लोग अन्य लोन विकल्पों को चुन रहे हैं।

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