Fuel Crisis: ईंधन संकट: देश में पेट्रोल-डीजल ₹3-3 महंगे, CNG के दाम भी बढ़े

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कीमतों में बढ़ोतरी और तेल कंपनियों का भारी घाटा

नई दिल्ली: देश में करीब 2 साल के अंतराल के बाद पेट्रोल(Petrol) और डीजल की कीमतों(Fuel Crisis) में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का $100 प्रति बैरल के पार निकलना है। हालांकि, इस बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) को अंतरराष्ट्रीय दरों के मुकाबले अभी भी ₹25 से ₹30 प्रति लीटर का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे उन पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का वित्तीय बोझ पड़ रहा है

आम जनता की जेब और किचन पर चौतरफा मार

डीजल के दाम बढ़ने का सीधा और सबसे बड़ा असर लॉजिस्टिक्स और मालभाड़े पर पड़ता है। ट्रकों और कमर्शियल वाहनों का किराया बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाले फल, सब्जियां, दूध और राशन के सामान महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा, किसानों के लिए ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाना महंगा हो जाएगा, जिससे कृषि लागत बढ़ेगी। सार्वजनिक परिवहन जैसे बस, ऑटो और स्कूल वैन के किराए में भी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। ईंधन के साथ-साथ दिल्ली में CNG भी ₹2 प्रति किलो महंगी होकर ₹79.09 पर पहुंच गई है, जिससे कैब और ऑटो से सफर करना अब और महंगा होगा।

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भविष्य की राह और प्रधानमंत्री की संयम की अपील

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियों को ‘ब्रेक-ईवन’ (नो प्रॉफिट-नो लॉस) की स्थिति में आने के लिए पेट्रोल में ₹28 और डीजल में ₹32 प्रति लीटर तक की और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। यदि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण वैश्विक एनर्जी मार्केट में सप्लाई बाधित रही, तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ेंगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से अपील की है कि वे पेट्रोलियम उत्पादों (पेट्रोल, डीजल, गैस) का उपयोग बेहद संयम और जरूरत के अनुसार ही करें, ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचाया जा सके।

जब सरकार ने पहले एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) घटाई थी, तो अब दाम क्यों बढ़ाने पड़े?

सरकार ने पहले पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की थी ताकि कीमतें स्थिर रहें। लेकिन हाल ही में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) संकट के कारण कच्चे तेल के दाम $70 से बढ़कर $100 प्रति बैरल के पार चले गए। इस भारी उछाल के कारण तेल कंपनियों का घाटा असहनीय स्तर पर पहुंच गया, जिसके चलते कीमतों में बढ़ोतरी करना मजबूरी बन गया।

दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत (₹97.77) में कौन-कौन से टैक्स और चार्ज शामिल हैं?

दिल्ली में पेट्रोल के प्राइस बिल्डअप (मूल्य संरचना) के अनुसार, डीलरों से लिया जाने वाला मूल मूल्य ₹77.49 है। इसमें औसतन ₹4.40 डीलर कमीशन और 19.4% की दर से ₹15.88 वैट (VAT – राज्य सरकार का टैक्स) जुड़ता है, जिसके बाद यह रिटेल ग्राहकों को ₹97.77 प्रति लीटर में मिलता है।

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Dhanarekha

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