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Crude Oil: क्रूड ऑयल में भारी गिरावट

Dhanarekha
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Crude Oil: क्रूड ऑयल में भारी गिरावट

ट्रम्प के बयान से वैश्विक बाजारों में लौटी रौनक

मुंबई: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल(Crude Oil) की कीमतों में मंगलवार, 10 मार्च को जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘युद्ध जल्द खत्म होने’ वाले सकारात्मक बयान के बाद ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी तेल (WTI) की कीमतों में लगभग 8.5% से 9% तक की कमी आई है। कल जो भाव 115 डॉलर के पार चला गया था, वह अब 88-92 डॉलर के दायरे में आ गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि राहत के बावजूद कीमतें अभी भी युद्ध-पूर्व स्तर से करीब 30% अधिक बनी हुई हैं, जो आने वाले समय में सप्लाई चेन की मजबूती पर निर्भर करेंगी

भारतीय शेयर बाजार में उछाल: सेंसेक्स 78,100 के पार

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार(Crude Oil) पर दिखा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 500 अंकों की तेजी के साथ 78,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, वहीं निफ्टी भी 24,200 के पार निकल गया है। विशेष रूप से बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और FMCG सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी जा रही है। कच्चे तेल के सस्ता होने से भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए व्यापार घाटा कम होने की उम्मीद जगी है, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा है।

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सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी: सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव

शेयर बाजार और तेल में राहत के बीच कीमती धातुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। एमसीएक्स (MCX) पर 24 कैरेट सोना 1,500 रुपये की बढ़त के साथ 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। वहीं, चांदी में 8,000 रुपये का भारी उछाल(Crude Oil) देखा गया है, जिससे इसकी कीमत 2.75 लाख रुपये प्रति किलो हो गई है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक अभी भी सोने और चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं, जिसके कारण कीमतों में यह निरंतर तेजी बनी हुई है।

डोनाल्ड ट्रम्प के बयान का कच्चे तेल की कीमतों पर इतना गहरा असर क्यों पड़ा?

वैश्विक बाजार ‘अनिश्चितता’ से डरते हैं। ट्रम्प द्वारा युद्ध के जल्द खत्म होने की बात कहने से सप्लाई चेन (विशेषकर मध्य पूर्व से होने वाली आपूर्ति) के पूरी तरह ठप होने का डर कम हो गया है। जब भविष्य में आपूर्ति सुधरने की उम्मीद जगती है, तो सट्टेबाजी कम हो जाती है और कीमतें नीचे आने लगती हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से ऑटो और FMCG शेयर्स में तेजी क्यों आई?

ऑटो सेक्टर के लिए कच्चा तेल सस्ता होना मतलब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता की उम्मीद, जिससे वाहनों की मांग बढ़ती है। वहीं FMCG कंपनियों के लिए कच्चे माल की लागत और ट्रांसपोर्टेशन खर्च कम हो जाता है, जिससे उनके प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की संभावना बढ़ जाती है।

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