पाकिस्तान में कीमतों में भारी वृद्धि और भारत पर इसका असर
इस्लामाबाद: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों(Global Oil Crisis) में आए उछाल का असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गहरा पड़ा है। पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर तक की ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है, जिससे पेट्रोल 335.86 रुपए और डीजल 321.17 रुपए प्रति लीटर हो गया है। इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि(Unexpected Price Increase) के बाद कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई, क्योंकि लोगों में ईंधन की किल्लत होने का डर है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर खतरा
वैश्विक ऊर्जा संकट(Global Energy Crisis) का मुख्य कारण फारस की खाड़ी का प्रमुख जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ है। इस रास्ते से दुनिया भर का लगभग 20% तेल और गैस गुजरता है, लेकिन ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण अब यह मार्ग अत्यधिक असुरक्षित हो गया है। टैंकरों की आवाजाही थमने और ड्रोन हमलों के कारण आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह बाधित है। कच्चे तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं, जिससे भारत सहित अन्य ऊर्जा आयातक देशों पर भारी दबाव बढ़ गया है।
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भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिकी छूट का रणनीतिक कदम
भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित करने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक कदम उठाते हुए भारतीय रिफाइनरियों को रूस से कच्चा तेल(Global Oil Crisis) खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट दी है। यह छूट केवल उन रूसी तेल कार्गो के लिए मान्य है जो पहले से ही समुद्र में फंसे हुए थे और 5 मार्च 2026 से पहले लोड किए गए थे। यह अस्थायी राहत भारत को तब मिली है जब देश के सामने एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने की चुनौती है। सरकार ने भी एहतियात के तौर पर घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी किल्लत का सामना न करना पड़े।
अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए छूट क्यों दी है?
मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) में ईरान-इजराइल(Global Oil Crisis) संघर्ष के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है। वैश्विक तेल बाजार को स्थिर करने और भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए, अमेरिका ने 30 दिनों के लिए एक विशेष लाइसेंस (छूट) दिया है, ताकि समुद्र में फंसे रूसी तेल कार्गो का उपयोग किया जा सके।
पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का क्या कारण है?
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 20% तक का उछाल आया है। अपनी गिरती आर्थिक स्थिति और वैश्विक बाजार की कीमतों के दबाव के कारण सरकार ने यह बढ़ोतरी लागू की है।