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Financial Deadline: वित्तीय डेडलाइन अलर्ट

Dhanarekha
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Financial Deadline: वित्तीय डेडलाइन अलर्ट

टैक्स बचाने और खाते सक्रिय रखने के लिए बचे हैं अब सिर्फ 2 दिन

नई दिल्ली: यदि आपने पब्लिक प्रोविडेंट फंड(Financial Deadline), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में खाता खुलवाया है, तो 31 मार्च की रात तक इनमें न्यूनतम निर्धारित राशि जमा करना सुनिश्चित करें। इन खातों को सक्रिय रखने के लिए हर साल ₹250 से ₹500 तक का मिनिमम बैलेंस डालना जरूरी होता है। यदि आप ऐसा करने में चूक जाते हैं, तो आपका खाता फ्रीज हो सकता है, जिसे दोबारा शुरू कराने के लिए आपको न केवल बैंक के चक्कर काटने होंगे बल्कि जुर्माना (पेनाल्टी) भी भरना होगा

पुरानी टैक्स रिजीम: निवेश के जरिए बचत का आखिरी मौका

जो करदाता पुरानी टैक्स रिजीम का लाभ उठा रहे हैं, उनके लिए धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट पाने का यह अंतिम अवसर है। इसके लिए आप एलआईसी प्रीमियम, पीपीएफ या ईएलएसएस (ELSS) में निवेश कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भरकर भी अतिरिक्त टैक्स बचाया जा सकता है। याद रखें, 1 अप्रैल या उसके बाद किया गया कोई भी निवेश अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए माना जाएगा और इस साल की देनदारी कम नहीं करेगा।

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नौकरीपेशा वर्ग के लिए जरूरी: इन्वेस्टमेंट प्रूफ और टीडीएस

सैलरी क्लास के लिए 31 मार्च तक अपने संस्थान (Office) में निवेश के दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है। इसमें मकान किराये की रसीदें (HRA), होम लोन ब्याज सर्टिफिकेट और बीमा प्रीमियम की रसीदें शामिल हैं। यदि आप समय पर ये प्रमाण जमा नहीं करते हैं, तो आपकी कंपनी आपकी मार्च की सैलरी से अधिक TDS काट लेगी। हालांकि बाद में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरकर आप यह पैसा वापस पा सकते हैं, लेकिन तब तक आपकी लिक्विडिटी (हाथ में आने वाली नकदी) प्रभावित हो सकती है।

यदि मैं 31 मार्च तक पीपीएफ या सुकन्या खाते में न्यूनतम राशि जमा नहीं करता हूँ, तो क्या होगा?

यदि आप न्यूनतम राशि जमा नहीं करते हैं, तो आपका खाता ‘डिफ़ॉल्ट’ श्रेणी में डाल दिया जाएगा। इसे दोबारा सक्रिय करने के लिए आपको प्रति वर्ष के हिसाब से जुर्माना भरना होगा और बैंक में जाकर लिखित आवेदन देना होगा।

टैक्स छूट पाने के लिए धारा 80C और 80D के तहत अधिकतम सीमा क्या है?

धारा 80C के तहत निवेश (जैसे PPF, LIC, NSC) पर अधिकतम ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है। वहीं, धारा 80D के तहत स्वयं और परिवार के हेल्थ इंश्योरेंस पर ₹25,000 से ₹1,00,000 (वरिष्ठ नागरिकों सहित) तक की छूट का लाभ लिया जा सकता है।

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