Gold Silver: बजट 2026 की आहट: क्या सस्ता होगा सोना-चांदी?

Read Time:  1 min
Gold Silver
Gold Silver
FONT SIZE
GET APP

निवेशकों के लिए खास रणनीति

नई दिल्ली: 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में सरकार सोने और चांदी(Gold Silver) पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से घटाकर 4% कर सकती है। यदि वित्त मंत्री यह घोषणा करती हैं, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमत में लगभग 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी में 6,000 रुपये प्रति किलो तक की कमी आ सकती है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सोने की तस्करी (Smuggling) को रोकना और घरेलू ज्वेलरी उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है

कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे के 5 प्रमुख कारण

साल 2025 कीमती धातुओं(Gold Silver) के लिए ऐतिहासिक रहा, जहां चांदी ने 167% और सोने ने 75% का रिटर्न दिया। इस तेजी के पीछे जियो-पॉलिटिकल तनाव (जंग), अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी (लगभग 32,140 टन का स्टॉक) रही है। इसके अलावा, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी की बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड ने इसकी कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है, जबकि सीमित माइनिंग के कारण सप्लाई कम बनी हुई है।

अन्य पढ़े:  सेंसेक्स 296 अंक लुढ़ककर 82,269 के स्तर पर बंद

निवेशकों के लिए ‘बाय-ऑन-डिप्स’ की सही रणनीति

एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट से पहले एक साथ(Gold Silver) बड़ा निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए “किस्तों में निवेश” या “बाय-ऑन-डिप्स” की रणनीति अपनाना सबसे बेहतर है। निवेशक भौतिक सोने के बजाय गोल्ड और सिल्वर ETF का विकल्प भी चुन सकते हैं, जिसमें शुद्धता की 100% गारंटी होती है और चोरी का कोई डर नहीं रहता। लंबी अवधि का रुझान पॉजिटिव होने के बावजूद, पहली तिमाही में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी।

सरकार सोने पर ड्यूटी कम करके तस्करी को कैसे रोक सकती है?

वर्तमान में ड्यूटी और GST मिलाकर कुल 9% टैक्स लगता है, जिससे ग्रे मार्केट के व्यापारियों को प्रति किलो सोने पर करीब 11.5 लाख रुपये का अवैध मुनाफा होता है। यदि ड्यूटी कम होती है, तो अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों का अंतर कम हो जाएगा, जिससे तस्करी का आकर्षण खत्म हो जाएगा और वैध व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

क्या ड्यूटी घटने से कीमतों में गिरावट लंबे समय तक बनी रहेगी?

जरूरी नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्यूटी में कटौती(Gold Silver) का असर तात्कालिक होता है। चूंकि भारत अपनी जरूरतों का अधिकांश सोना आयात करता है, इसलिए घरेलू कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों और डॉलर की मजबूती पर निर्भर करती हैं। यदि वैश्विक स्तर पर दाम बढ़ते हैं, तो ड्यूटी में कटौती से मिली राहत जल्द ही खत्म हो सकती है।

अन्य पढ़े:

Dhanarekha

लेखक परिचय

Dhanarekha

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।