बाजार में गिरावट का मौजूदा रुख
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण कमोडिटी मार्केट(Gold) में बड़ी हलचल देखी जा रही है। पिछले दो दिनों में सोने की कीमत में लगभग ₹2,000 की कमी आई है, जिससे 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1.56 लाख पर आ गया है। वहीं चांदी में इससे भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो दो दिनों में ₹16,000 सस्ती होकर ₹2.53 लाख प्रति किलो पर पहुँच गई है। विशेषज्ञों(Experts) का मानना है कि निवेशक अनिश्चितता के माहौल में सोने के बजाय नकद(Cash) को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कीमतों में बदलाव के प्रमुख कारण
सोने-चांदी के दामों में इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य वैश्विक(Gold) कारण हैं। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होना। दूसरा, मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण निवेशकों का कमोडिटी से भरोसा उठकर कैश पर बढ़ना। और तीसरा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और शेयर बाजार में मंदी के कारण निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली। इन कारकों ने मिलकर कीमती धातुओं की मांग को कम कर दिया है।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य की रणनीति
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल सोने और चांदी में निवेश करने से बचना चाहिए। एक्सपर्ट अजय केडिया का सुझाव है कि गिरावट का यह दौर अभी जारी(Gold) रह सकता है, जिससे सोना ₹1.50 लाख और चांदी ₹2.50 लाख के स्तर तक गिर सकती है। खरीदारों को सलाह दी गई है कि वे केवल BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें और खरीदारी से पहले विभिन्न स्रोतों से कीमतों की पुष्टि अवश्य करें।
चांदी की शुद्धता की पहचान घर पर कैसे की जा सकती है?
चांदी की पहचान के लिए ‘मैग्नेट टेस्ट’ (असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती) और ‘आइस टेस्ट’ (असली चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है) सबसे प्रभावी तरीके हैं। इसके अलावा, असली चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान बनता है।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?
इसके चार मुख्य कारण हैं: एक शहर से दूसरे शहर तक सुरक्षित परिवहन (Transportation) का खर्च, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय किए गए रेट, राज्यवार टैक्स और ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराना स्टॉक। दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में भारी खपत के कारण अक्सर वहां कीमतें थोड़ी कम हो सकती हैं।
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