निवेश और खरीदारी का नया मोड़
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले दो दिनों से कीमती धातुओं(Gold) की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट(Historical Decline) देखी जा रही है। चांदी की कीमत में दो दिनों के भीतर ₹41,000 से अधिक की कमी आई है, जिससे यह ₹2.41 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, सोने के दाम भी ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब आ गए हैं। जनवरी के अंत में अपने ‘ऑल टाइम हाई’ को छूने के बाद, कीमतों में आई यह कमी उन खरीदारों के लिए राहत लेकर आई है जो ऊंचे दामों की वजह से खरीदारी टाल रहे थे।
गिरावट के पीछे के मुख्य कारण: प्रॉफिट बुकिंग और मांग में कमी
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट(Gold) के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, प्रॉफिट बुकिंग—जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, तो निवेशकों(Investors) ने अपना मुनाफा वसूलने के लिए बड़े पैमाने पर बिकवाली की। दूसरा, फिजिकल डिमांड में कमी—कीमतों के आसमान छूने के कारण आम ग्राहकों और औद्योगिक क्षेत्रों से मांग कम हो गई थी। मांग और आपूर्ति के इसी असंतुलन ने कीमतों को नीचे धकेल दिया है।
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खरीदारों के लिए सावधानी: हॉलमार्किंग और कीमत की जांच अनिवार्य
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच, आम उपभोक्ताओं को सोना(Gold) खरीदते समय बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड सोना ही खरीदें और उस पर अंकित अल्फान्यूमेरिक कोड की जांच करें। इसके अलावा, खरीदारी से पहले ‘इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन’ (IBJA) जैसी विश्वसनीय वेबसाइटों पर 24, 22 और 18 कैरेट के सटीक भाव को क्रॉस-चेक करना न भूलें ताकि आप सही कीमत चुका सकें।
चांदी की कीमत में दो दिनों के भीतर कुल कितनी गिरावट दर्ज की गई है?
चांदी की कीमत दो दिनों में ₹41,278 सस्ती होकर ₹2,41,184 प्रति किलो पर आ गई है।
सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क देखना क्यों जरूरी है?
BIS हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। इससे यह सुनिश्चित(Gold) होता है कि आप जितने कैरेट का पैसा दे रहे हैं, आपको उतनी ही शुद्धता का सोना मिल रहा है।
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