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Gold: सोने की कीमतों में उछाल

Dhanarekha
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Gold: सोने की कीमतों में उछाल

1.61 लाख के पार पहुँचा सोना, चांदी में मामूली गिरावट

नई दिल्ली: भारतीय बाजार में सोने(Gold) और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। 11 मार्च को 24 कैरेट सोने की कीमतों में ₹505 की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुँच गया है। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में ₹1,886 की गिरावट आई है और यह ₹2.69 लाख प्रति किलो पर कारोबार(Business) कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक सोना ₹27,497 और चांदी ₹38,638 तक महंगी हो चुकी है

सोने की कीमतों में क्षेत्रीय भिन्नता के कारण

देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण परिवहन और सुरक्षा का खर्च है, आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन(Gold) कॉस्ट बढ़ जाती है। इसके अलावा, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशनों द्वारा तय की गई दरें, क्षेत्रीय खपत की मात्रा (विशेषकर दक्षिण भारत में अधिक माँग) और ज्वेलर्स द्वारा पुराने स्टॉक(Old Stock) की खरीद मूल्य भी कीमतों को प्रभावित करते हैं।

निवेश की बढ़ती माँग और भविष्य के अनुमान

इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में सोने की कीमतों में और तेजी आने की पूरी संभावना है। वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने(Gold) के भंडार को बढ़ाने और गोल्ड ईटीएफ (ETF) में बढ़ते निवेश के कारण सोने की माँग बनी हुई है। अनुमान है कि साल के मध्य तक सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में $6,200 प्रति औंस तक पहुँच सकती हैं, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर होगा और सोना ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है।

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शुद्धता की पहचान और सावधानी

सोना खरीदते समय हमेशा ‘ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड’ (BIS) द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना ही लेना चाहिए, जिसमें अल्फान्यूमेरिक कोड दर्ज हो। वहीं, चांदी की शुद्धता की जाँच के लिए चुंबक परीक्षण, बर्फ परीक्षण, गंध परीक्षण और कपड़े पर रगड़ने जैसे घरेलू तरीके अपनाए जा सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बड़ी खरीदारी से पहले ‘इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन’ (IBJA) की वेबसाइट पर जाकर आधिकारिक दरों को क्रॉस-चेक जरूर करें।

सोना खरीदते समय हॉलमार्क देखना क्यों जरूरी है?

हॉलमार्किंग से सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है। BIS का हॉलमार्क यह बताता है कि सोना कितने कैरेट का है और उस पर मौजूद अल्फान्यूमेरिक नंबर उसकी प्रमाणिकता का प्रमाण है।

चांदी असली है या नकली, इसकी पहचान घर पर कैसे करें?

असली चांदी की पहचान करने के लिए ‘आइस टेस्ट’ (बर्फ चांदी पर तेजी से पिघलती है) या ‘मैग्नेट टेस्ट’ (असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती) का उपयोग किया जा सकता है।

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