सोना ₹1.54 लाख और चांदी ₹3.17 लाख के पार
नई दिल्ली: हफ्ते सर्राफा बाजार(Gold) में जबरदस्त तेजी(Tremendous Speed) देखी गई। सोने की कीमत ₹12,717 की उछाल के साथ ₹1,54,310 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं, चांदी ने लंबी छलांग लगाते हुए ₹35,815 की बढ़त दर्ज की और अब यह ₹3,17,705 प्रति किलो के स्तर पर है। साल 2026 के शुरुआती 23 दिनों के भीतर ही सोने में ₹21,115 और चांदी में ₹81,285 की जबरदस्त तेजी आ चुकी है, जिसने निवेशकों को हैरान कर दिया है।
तेजी के पीछे ‘ट्रम्प फैक्टर’ और रुपए की कमजोरी
सोने(Gold) की कीमतों में इस आग के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहला, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ग्रीनलैंड विवाद(Greenland Dispute) और यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी, जिससे वैश्विक अस्थिरता बढ़ी है। दूसरा, भारतीय रुपए का ₹91.10 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरना, जिससे सोने का आयात महंगा हो गया है। तीसरा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (RBI सहित) द्वारा सोने के भंडार में की जा रही भारी खरीदारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो सोना ₹1.90 लाख और चांदी ₹4 लाख तक जा सकती है।
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चांदी की ‘इंडस्ट्रियल डिमांड’ ने बदली तस्वीर
चांदी अब केवल गहनों तक सीमित नहीं रह गई है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में इसकी बढ़ती मांग ने इसे एक अनिवार्य कच्चा माल बना दिया है। अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ के डर से वैश्विक कंपनियां(Gold) चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे सप्लाई में कमी आई है और कीमतें आसमान छू रही हैं। पिछले साल 2025 में चांदी ने 167% का रिटर्न देकर सोने (75%) को भी पीछे छोड़ दिया था।
इस साल (2026) के पहले 23 दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में कितनी वृद्धि हुई है?
इस साल के शुरुआती 23 दिनों में सोना(Gold) ₹21,115 और चांदी ₹81,285 महंगी हो चुकी है।
भविष्य में सोने और चांदी की कीमतें कहां तक जा सकती हैं?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनाव जारी रहने पर सोना ₹1.90 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹4 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
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