नई दिल्ली: आज के कारोबार में सोने (Gold) की कीमतों में मामूली तेजी दर्ज की गई है, जिससे 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,155 तक पहुँच गया है। इसके विपरीत, चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है और एक किलो चांदी का भाव घटकर ₹2,50,063 हो गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि सरकारी नियमों(Government rules) में बदलाव और माँग-आपूर्ति में उतार-चढ़ाव का सीधा असर इन कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
कीमती धातुओं के दाम बढ़ने के मुख्य कारण
सोने और चांदी की कीमतों में इस वर्ष अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक सोना ₹19,000 और चांदी ₹20,000 तक महंगी हो चुकी है। कीमतों में इस तेजी के पीछे एक बड़ा कारण सरकारी नीति में बदलाव है, जहाँ विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने सोने-चांदी के गहनों के आयात को ‘फ्री’ श्रेणी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कर दिया है। इसके अलावा, विभिन्न शहरों में ट्रांसपोर्टेशन खर्च और स्थानीय मांग भी कीमतों में अंतर पैदा करते हैं।
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खरीदारी में सावधानी और शुद्धता की पहचान
कीमती धातुओं में निवेश या खरीदारी करते समय ग्राहकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। हमेशा BIS हॉलमार्क वाले सोने को ही प्राथमिकता दें और आधिकारिक स्रोतों से दैनिक भावों का मिलान करें। चांदी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए आप घर पर ही मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट, स्मेल टेस्ट और क्लॉथ टेस्ट जैसे सरल उपायों का उपयोग कर सकते हैं, जिससे आप किसी भी संभावित धोखाधड़ी से बच सकें।
सोने और चांदी के गहनों के आयात पर सरकार ने क्या नया नियम लागू किया है?
सरकार ने सोने, चांदी और प्लेटिनम के गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। अब किसी भी देश से इन धातुओं के गहने मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या अनुमति लेना अनिवार्य है। यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है।
चांदी असली है या नकली, इसकी पहचान के लिए कोई दो आसान तरीके बताएं?
चांदी की पहचान के लिए दो आसान तरीके हैं: पहला, मैग्नेट टेस्ट—असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। दूसरा, आइस टेस्ट—यदि आप चांदी पर बर्फ का टुकड़ा रखेंगे, तो असली चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी।
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