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Middle East Tension: मिडिल-ईस्ट तनाव के बीच भारत की बड़ी रणनीति

Author Icon By Dhanarekha
Updated: March 11, 2026 • 5:23 PM
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रूस से खरीदेगा 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल

नई दिल्ली: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव(Middle East Tension) और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के अवरुद्ध होने के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा संकट मंडरा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए भारत ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदने का फैसला किया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों ने पहले से ही एशियाई समुद्री सीमा में मौजूद रूसी टैंकरों के साथ एग्रीमेंट कर लिए हैं, ताकि देश में ईंधन की किल्लत न हो

ऊर्जा सुरक्षा के लिए बदलती रणनीतिक प्राथमिकताएँ

भारत ने अब अपनी ऊर्जा निर्भरता को व्यवस्थित(Organized) करने के लिए ‘रणनीतिक बदलाव’ किया है। पहले भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से मंगाता था, लेकिन वर्तमान अस्थिरता को देखते हुए भारत ने इन वैकल्पिक रास्तों से कच्चे तेल(Middle East Tension) के आयात में 10% की बढ़ोतरी की है। अब भारत अपनी कुल जरूरत का 70% कच्चा तेल उन रास्तों से मंगा रहा है जो हॉर्मुज के दायरे में नहीं आते। इस बदलाव से खाड़ी देशों में छिड़ी जंग का असर भारत की सप्लाई चेन पर न्यूनतम रहेगा।

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ऊर्जा भंडार में सुधार और आत्मविश्वास

सप्लाई चेन में आई इस चुनौती के बावजूद, भारत की ‘एनर्जी सिक्योरिटी'(Middle East Tension) काफी मजबूत स्थिति में है। सरकारी आंकड़ों और हालिया समीक्षा बैठकों के अनुसार, भारत का तेल स्टॉक पहले के मुकाबले काफी बेहतर हो गया है, जिससे सरकार का आत्मविश्वास बढ़ा है। जहाँ एक ओर ईरान ने हॉर्मुज रूट से कार्गो मूवमेंट को जल्द बहाल करने का संकेत दिया है, वहीं दूसरी ओर दुनिया के कई अन्य देश भी भारत को तेल और LNG सप्लाई करने में रुचि दिखा रहे हैं, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित बनी हुई है।

भारत अचानक रूस से इतनी बड़ी मात्रा में तेल क्यों खरीद रहा है?

मिडिल-ईस्ट में ईरान-इजराइल तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के प्रभावित होने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन पर संकट आ गया है। इस किल्लत से बचने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत रूस से तेल खरीद रहा है।

भारत अपनी ऊर्जा निर्भरता कैसे कम कर रहा है?

भारत ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक रास्तों से होने वाले आयात में 10% की वृद्धि की है, जिससे अब उसकी 70% कच्चा तेल जरूरतें सुरक्षित रास्तों से पूरी हो रही हैं।

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