महाराष्ट्र और ओडिशा के लिए ₹20,668 करोड़ की मंजूरी
नई दिल्ली: आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने महाराष्ट्र के लिए 19,142 करोड़ रुपये की लागत वाले एक विशाल सड़क प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है। यह 6-लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर होगा, जो नासिक, अहिल्यानगर और सोलापुर जैसे प्रमुख शहरों(Modi Government) को जोड़ेगा। इस कॉरिडोर(Corridor) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह यात्रा के समय में 17 घंटे की भारी कमी लाएगा। यह न केवल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग को जोड़ेगा, बल्कि पश्चिमी तट से पूर्वी तट (चेन्नई पोर्ट) तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी(Fast Connectivity) भी प्रदान करेगा।
ओडिशा: एनएच-326 का विस्तार और सुदृढ़ीकरण
ओडिशा राज्य के विकास के लिए सरकार ने 1,526.21 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसका उपयोग एनएच-326 को चौड़ा करने के लिए किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट मुख्य रूप से गजपति, रायगढ़ और कोरापुट जैसे जनजातीय बहुल और महत्वपूर्ण जिलों(Modi Government) से होकर गुजरेगा। इस सड़क के चौड़ीकरण से न केवल राज्य के आंतरिक हिस्सों में आवाजाही आसान होगी, बल्कि आंध्र प्रदेश के साथ ओडिशा का अंतरराज्यीय संपर्क भी काफी मजबूत हो जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
पीएम गतिशक्ति और आर्थिक प्रभाव
ये दोनों परियोजनाएं ‘पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान’ के तहत विकसित की जा रही हैं। इनका मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक लागत को कम करना और परिवहन(Modi Government) को अधिक कुशल बनाना है। महाराष्ट्र का प्रोजेक्ट जहाँ 100 किमी/घंटा की गति को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, वहीं ओडिशा का प्रोजेक्ट पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने का काम करेगा। इन परियोजनाओं से न केवल हजारों रोजगार पैदा होंगे, बल्कि पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट कॉरिडोर से यात्रियों और माल ढुलाई को क्या मुख्य लाभ होगा?
इस कॉरिडोर के बनने से यात्रा की दूरी 201 किमी कम हो जाएगी और यात्रा का समय 31 घंटे से घटकर मात्र 14 घंटे (लगभग 45% की कमी) रह जाएगा। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर माल ढुलाई की लागत कम करेगा और सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगा।
ओडिशा में एनएच-326 परियोजना किन जिलों को लाभान्वित करेगी?
यह परियोजना ओडिशा के गजपति, रायगढ़ और कोरापुट जिलों(Modi Government) से होकर गुजरेगी। इससे मोहना, रायगढ़, लक्ष्मीपुर और कोरापुट जैसे शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और आंध्र प्रदेश के साथ सीमावर्ती व्यापार सुगम होगा।
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