रिकॉर्ड तोड़ तेजी और सोने-चांदी से मुकाबला
मुंबई: सोने और चांदी की आसमान छूती कीमतों के बीच अब प्लेटिनम(Platinum) निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। साल 2025 में अब तक प्लेटिनम की कीमतों में 121% का जबरदस्त उछाल देखा गया है, जो सोने की 74% की बढ़त से कहीं अधिक है। ग्लोबल मार्केट(Global Market) में यह 1,975 डॉलर प्रति औंस के साथ 18 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। भारत में इसकी कीमत ₹61,513 प्रति 10 ग्राम तक जा पहुंची है। निवेशक अब मुद्रा के गिरते मूल्य से बचने (हेजिंग) के लिए प्लेटिनम को एक मजबूत और सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
इंडस्ट्रियल डिमांड और हाइड्रोजन इकोनॉमी का असर
प्लेटिनम(Platinum) की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण इसकी औद्योगिक मांग (Industrial Demand) में वृद्धि है। पारंपरिक रूप से ऑटोमोबाइल सेक्टर में प्रदूषण नियंत्रित करने वाले कैटेलिटिक कन्वर्टर्स में इसका इस्तेमाल होता रहा है, लेकिन अब ग्रीन एनर्जी और हाइड्रोजन इकोनॉमी ने इसकी मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। इसके अलावा केमिकल, रिफाइनिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में बढ़ती खपत ने इसकी कीमतों को जबरदस्त सपोर्ट दिया है, जिससे यह केवल एक आभूषण ही नहीं बल्कि एक अनिवार्य औद्योगिक धातु बन गया है।
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सप्लाई में कमी और भविष्य का अनुमान
कीमतें बढ़ने का एक मुख्य कारण वैश्विक आपूर्ति में आई गिरावट भी है। दुनिया के कुल प्लेटिनम(Platinum) उत्पादन का लगभग 70-75% हिस्सा दक्षिण अफ्रीका से आता है, जहाँ खनन में कमी आई है। साथ ही, रूस-यूक्रेन तनाव ने भी सप्लाई चेन को बाधित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितता के कारण लोग सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं। अनुमान है कि मार्च 2026 तक प्लेटिनम की कीमतों में 12-15% की और तेजी आ सकती है, जो इसे लंबी अवधि के लिए एक आकर्षक निवेश बनाता है।
क्या वर्तमान उच्च स्तर पर प्लेटिनम में निवेश करना सही है?
विशेषज्ञों के अनुसार, प्लेटिनम का सोने और डॉलर के मुकाबले अनुपात (Ratio) सुधर रहा है, जिससे इसमें लंबी अवधि की बढ़त की प्रबल संभावना है। यदि आप मार्च 2026 तक का लक्ष्य रखते हैं, तो 12-15% के संभावित रिटर्न के लिए निवेश किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले अपने पोर्टफोलियो का संतुलन जरूर देखें।
चांदी की कीमतों में भविष्य में कितनी बढ़त देखी जा सकती है?
चांदी की औद्योगिक मांग और निवेशकों के बढ़ते रुझान को देखते हुए, एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि चांदी इस साल के अंत तक ₹2.10 लाख और अगले एक साल के भीतर ₹2.50 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है। चांदी में निवेश के लिए ‘सिल्वर ETF’ या SIP का रास्ता अपनाना जोखिम कम करने के लिए बेहतर विकल्प है।
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