ब्याज दरों में स्थिरता: नहीं बढ़ेगा आपके लोन का बोझ
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। इसका सीधा मतलब यह है कि फिलहाल आपके होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की EMI में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। पिछले एक साल (2025) में RBI ने चार अलग-अलग मौकों पर कुल 1.25% की कटौती की थी, जिससे ब्याज दरें 6.5% से गिरकर वर्तमान स्तर पर आई हैं। गवर्नर संजय मल्होत्रा के इस फैसले से बाजार में उधारी की लागत स्थिर बनी रहेगी, जो आर्थिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक है।
बैंकिंग धोखाधड़ी पर लगाम: ₹25,000 तक के मुआवजे का प्रस्ताव
डिजिटल ट्रांजैक्शन के बढ़ते खतरों के बीच RBI ने ग्राहकों(Customers) की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब छोटे अमाउंट वाले फ्रॉड ट्रांजैक्शन का शिकार होने पर ग्राहकों को ₹25,000 तक का मुआवजा देने के लिए एक नया फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा, बुजुर्गों के लिए ‘एक्स्ट्रा ऑथेंटिकेशन’ और क्रेडिट लिमिट की लेयरिंग जैसे सुरक्षा उपायों पर भी काम चल रहा है। यह पहल बैंकिंग प्रणाली में आम जनता के भरोसे को और मजबूत करेगी।
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महंगाई और विकास का अनुमान: संतुलन बनाने की कोशिश
RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए विकास दर (GDP) के अनुमान को बढ़ाने के साथ-साथ महंगाई दर के लक्ष्य में भी मामूली संशोधन किया है। रिटेल महंगाई दर के अनुमान को 2% से बढ़ाकर 2.1% कर दिया गया है। गवर्नर के अनुसार, हालांकि वैश्विक स्तर पर सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर दिख रहा है, लेकिन अधिकांश वस्तुओं की कीमतें नियंत्रण में हैं। RBI का मुख्य उद्देश्य महंगाई को 2% से 6% के दायरे में बनाए रखना है ताकि आर्थिक रिकवरी की गति धीमी न पड़े।
रेपो रेट स्थिर रहने से आम आदमी को क्या फायदा होता है?
रेपो रेट स्थिर रहने से बैंकों की उधारी लागत नहीं बढ़ती, जिससे वे ग्राहकों के लोन (जैसे होम लोन, ऑटो लोन) पर ब्याज दरें नहीं बढ़ाते। इससे आपकी मासिक EMI स्थिर रहती है।
धोखाधड़ी के मामले में RBI ने किस नए मुआवजे की घोषणा की है?
RBI ने एक नया फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है जिसके तहत छोटे अमाउंट वाले डिजिटल फ्रॉड के शिकार ग्राहकों को ₹25,000 तक का मुआवजा दिया जाएगा।
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