सरकारी बॉन्ड से मिलेगा बड़ा फायदा
नई दिल्ली: घर या जमीन बेचने के बाद होने वाले मुनाफे पर लगने वाले भारी टैक्स से बचने के लिए आयकर कानून में खास व्यवस्था दी गई है। नई दिल्ली(New Delhi) में टैक्स(Tax) विशेषज्ञों ने बताया कि आयकर अधिनियम की धारा 54EC के तहत निवेश करके लोग लाखों रुपये बचा सकते हैं। भारत(India) में लंबे समय तक रखी गई संपत्ति बेचने पर होने वाली कमाई को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स माना जाता है, जिस पर 20 प्रतिशत तक टैक्स लगता है। हालांकि सरकार कुछ विशेष बॉन्ड्स में निवेश करने पर राहत देती है।
आईआरएफसी(IRFC) और एनएचएआई(NHAI) जैसी सरकारी कंपनियां ऐसे बॉन्ड जारी करती हैं, जिनमें निवेश करने पर कैपिटल गेन्स टैक्स(Tax) में छूट मिलती है। इसके साथ ही इन बॉन्ड्स को सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है क्योंकि ये सरकारी संस्थानों द्वारा समर्थित होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सही समय पर निवेश करने से टैक्स(Tax) का बड़ा बोझ कम किया जा सकता है।
धारा 54EC के नियम और फायदे
इस योजना का लाभ लेने के लिए संपत्ति बेचने की तारीख से छह महीने के भीतर निवेश करना जरूरी होता है। एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 50 लाख रुपये तक ही इन बॉन्ड्स में लगाए जा सकते हैं। इसी कारण निवेशकों को समय सीमा और नियमों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक माना जाता है।
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ब्याज और टैक्स बचत का गणित
इन बॉन्ड्स पर फिलहाल लगभग 5 प्रतिशत से अधिक सालाना ब्याज मिल रहा है। बॉन्ड में निवेश करने से कैपिटल गेन्स टैक्स बच जाता है, लेकिन ब्याज से होने वाली आय पर सामान्य टैक्स नियम लागू होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को 40 लाख रुपये का मुनाफा हुआ हो तो वह इस योजना के जरिए करीब 8 लाख रुपये तक का टैक्स बचा सकता है।
धारा 54EC का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
इस योजना का मुख्य फायदा यह है कि प्रॉपर्टी बेचने पर लगने वाला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स बचाया जा सकता है। निवेशक सरकारी बॉन्ड्स में पैसा लगाकर कानूनी रूप से टैक्स राहत प्राप्त कर सकते हैं। इससे सुरक्षित निवेश के साथ बचत भी होती है।
निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
निवेश छह महीने के भीतर करना जरूरी होता है और पैसा पांच साल तक लॉक रहता है। बीच में रकम निकालने की अनुमति नहीं होती। इसलिए निवेश से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों और समय सीमा को ध्यान में रखना जरूरी माना जाता है।
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