बाबा बैद्यनाथ मंदिर की पूरी तैयारी, शीघ्र दर्शन को लगेंगे 600 रुपए, सुबह 5 बजे से दर्शन
लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना- नववर्ष के अवसर पर झारखंड के (Deoghar) देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। देश के कोने-कोने से भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए देवघर पहुंचेंगे।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रशासन पूरी तरह तैयार
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए व्यापक इंतजाम- श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रशासनिक स्तर पर विशेष निगरानी व्यवस्था भी की गई है।
देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम (Baidyanath Dham) में नववर्ष के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ने की संभावना है। साल के आखिरी दिन और 1 जनवरी 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन-पूजन के लिए देवघर पहुंचेंगे।
भक्तों की मान्यता है कि वर्ष के अंतिम दिन और नए साल के पहले दिन बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना करने से पूरा साल सुख, शांति और समृद्धि से भरा रहता है।
इसी आस्था के चलते हर साल की तरह इस बार भी बाबा धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने का अनुमान है। मंदिर प्रशासन के अनुसार बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा सहित कई राज्यों से श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं।
प्रशासनिक तैयारियां पूरी, शीघ्र दर्शन फीस बढ़ी
नववर्ष को लेकर मंदिर परिसर के अलावा बीएड कॉलेज रोड, नेहरू पार्क, टावर चौक, शिवगंगा और आसपास के इलाकों में भी श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही देखने को मिल सकती है। इन दो दिनों में कई लाख श्रद्धालुओं के बाबा धाम में पूजा करने आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसे लेकर प्रबंधन की ओर से तमाम जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने 1 जनवरी 2026 के लिए शीघ्र दर्शन कूपन की दर में बदलाव किया है। सामान्य दिनों में शीघ्र दर्शन का शुल्क 300 रुपए होता है, लेकिन 1 जनवरी को इसे बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है। हालांकि, सामान्य कतार से दर्शन-पूजन की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी, ताकि आम श्रद्धालु भी सहजता से बाबा के दर्शन कर सकें।
सुबह 5 बजे से शुरू होंगे दर्शन
नववर्ष पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, दंडाधिकारियों की नियुक्ति, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और यातायात नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़ प्रबंधन को लेकर अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग तय किए गए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार 1 जनवरी को सुबह 5 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी। प्रशासन और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से शांति, अनुशासन और नियमों का पालन करते हुए दर्शन करने की अपील की है, ताकि सभी भक्त सुरक्षित और सुगम तरीके से नववर्ष की शुरुआत कर सकें।
बैजनाथ मंदिर का इतिहास क्या है?
बैजनाथ मंदिर का निर्माण 1204 ईस्वी में दो स्थानीय व्यापारियों, आहुका और मन्युका, ने करवाया था, जो भगवान शिव के परम भक्त थे। पालमपुर से मात्र 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, यह प्राचीन मंदिर एक ऐसा स्थान है जहाँ भगवान की कोमल कृपा से परम शांति और अखंड शांति प्राप्त होती है।
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