मकर संक्रांति में दान का महत्व
मकर संक्रांति पर दान और तिल-गुड़ का महत्व अत्यधिक माना जाता है। यह पुण्य कमाने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का पर्व है।
गलत दान से लग सकता है दोष
विशेषज्ञों के अनुसार, मकर संक्रांति पर कन्याओं को कुछ चीजें दान करने से पुण्य की बजाय दोष लग सकता है। इसे अति सावधानी से निभाना चाहिए।
Makar Sankranti Kanya Daan Mistakes: मकर संक्रांति का पर्व दान-पुण्य (Daan) के लिए सबसे बड़ा दिन माना जाता है. शास्त्रों में इस दिन कन्याओं को दान देने का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि कन्याओं को साक्षात देवी का रूप माना जाता है. लेकिन अक्सर लोग अनजाने में कुछ ऐसी चीजें दान कर देते हैं जो पुण्य की जगह दोष का कारण बन सकती हैं. आइए जानते हैं वे कौन सी 3 चीजें हैं जिन्हें कन्याओं को देने से बचना चाहिए?
Makar Sankranti Donation: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) को दान, पुण्य और आत्मशुद्धि का विशेष पर्व माना गया है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी. इस दिन सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण का आरंभ होता है, जिसे शुभ ऊर्जा, स्थिरता और धर्म के विस्तार का समय माना जाता है. शास्त्रों में मकर संक्रांति पर दान को बहुत ही फलदायी बताया गया है, विशेष रूप से कन्याओं को किया गया दान कई गुना पुण्य प्रदान करता है. हालांकि, इस दिन क्या दान करना चाहिए और क्या नहीं, इसे लेकर भी साफ नियम बताए गए हैं।
मकर संक्रांति पर कन्या दान का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, कन्या को देवी स्वरूप माना गया है. मकर संक्रांति जैसे सूर्योपासना के पर्व पर कन्याओं को अन्न, वस्त्र या उपयोगी सामग्री का दान करना विशेष पुण्य देता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन कन्याओं को दिया गया दान सीधे सूर्यदेव और देवी लक्ष्मी की कृपा दिलाता है. इससे घर में सुख, समृद्धि और संतुलन बना रहता है. मकर संक्रांति पर किया गया कन्या दान न केवल आर्थिक पुण्य देता है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति भी प्रदान करता है.
कन्याओं को क्या करें दान?
मकर संक्रांति पर कन्याओं को दान करते समय सात्विक और उपयोगी वस्तुओं को प्राथमिकता दी जाती है. तिल और गुड़ से बनी सामग्री जैसे लड्डू या चिक्की दान करना बहुत ही शुभ माना गया है, क्योंकि तिल शनि शांति और गुड़ मधुरता का प्रतीक है. इसके अलावा, स्वच्छ और नए वस्त्र, विशेष रूप से ऊनी कपड़े या शॉल, इस मौसम में दान करना पुण्यदायी होता है. कन्याओं को अन्न दान में चावल, गेहूं, दालें या खिचड़ी सामग्री देना भी शुभ माना गया है।
कुछ स्थानों पर कन्याओं को तांबे के पात्र में फल, गुड़ या तिल रखकर दान किया जाता है. साथ ही, शिक्षा से जुड़ी सामग्री जैसे कॉपी, पुस्तक, पेन या स्कूल बैग का दान भी श्रेष्ठ फल देता है. शास्त्रों के अनुसार, श्रद्धा और सम्मान भाव से दिया गया छोटा दान भी बड़े पुण्य के समान माना जाता है।
कन्याओं को क्या नहीं करना चाहिए दान?
मकर संक्रांति पर दान करते समय कुछ वस्तुओं से विशेष रूप से बचने की सलाह शास्त्रों में दी गई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कन्याओं को काले रंग के वस्त्र या पुराने वस्त्र दान नहीं करने चाहिए, क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा और अशुभ प्रभाव से जोड़ा गया है. ऐसा दान पुण्य के स्थान पर मानसिक असंतोष का कारण बन सकता है।
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इसके अलावा बासी खाद्य पदार्थ अथवा उससे संबंधित कोई भी वस्तु इस पावन दिन दान करना वर्जित माना गया है. दान करते समय व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. कन्याओं को दान देते समय अपमान, जल्दबाजी, दिखावा या अहंकार का भाव दान के फल को कम कर देता है. शास्त्रों के अनुसार, दान का वास्तविक फल वस्तु से नहीं, बल्कि शुद्ध भावना, श्रद्धा और सम्मान से प्राप्त होता है।
दान करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- प्रातःकाल स्नान और शुद्ध वस्त्र: दान करने से पहले ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ और सात्विक वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है.
- सूर्य देव को अर्घ्य: कन्या दान से पहले सूर्यदेव को जल, अक्षत और गुड़ से अर्घ्य अर्पित करना पुण्य को बढ़ाता है.
- कन्या का सम्मान: दान देते समय कन्या का आदर और सम्मान करना अत्यंत आवश्यक है.
- दान की वस्तुएं: केवल सात्विक और उपयोगी वस्तुएं जैसे अन्न, तिल-गुड़, वस्त्र, शॉल या शिक्षा सामग्री दें.
- भोजन कराना: यदि संभव हो तो कन्याओं को भोजन कराना शुभ और फलदायी माना गया है.
- धैर्य और संयम: दान देते समय जल्दबाजी, अहंकार या नकारात्मक भाव से बचें.
मकर संक्रांति का क्या विशेष महत्व है?
मान्यतानुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य भगवान की आराधना से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु का वरदान मिलता है. इसी कारण इस दिन दान-पुण्य, तप और सेवा कर्मों को खास महत्व दिया जाता है. इस बार मकर संक्रांति बेहद शुभ मानी जा रही है।
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