क्या है चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस खगोलीय घटना में चंद्रमा का रंग लालिमा लिए हुए दिखाई दे सकता है, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।
Chandra Grahan Ke Niyam: ग्रहण के दौरान विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को घर में रहने के लिए कहा जाता है. यह नियम सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. ऐसे में आइए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) में गर्भवती महिलाओं को क्यों बाहर निकलने से मना किया जाता है?
Chandra Grahan 2026: हर साल दो या तीन बार सूर्य और चंद्र ग्रहण लगता है. खगोल विज्ञान के अनुसार, सूर्य और चंद्र गहण की घटना विशेष खगोलीय घटना मानी जाती है, लेकिन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण अशुभ घटना मानी जाती है. ग्रहण के दौरान कई नियम और परंपराएं निभाई जाती हैं. इसमें सबसे प्रमुख सूतक काल को माना जाता है. सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
03 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण
फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन 03 मार्च (03 March) को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा. ये भारत में नजर आएगा और इसका सूतक काल मान्य होगा. सूतक काल और ग्रहण के दौरान विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को घर में रहने के लिए कहा जाता है. यह नियम सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. ऐसे में आइए जानते हैं कि चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को क्यों बाहर निकलने से मना किया जाता है और चंद्र ग्रहण का सूतक काल कब से कब तक रहेगा?शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने का डर
धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु और केतु द्वारा सूर्य या चंद्रमा को अपनी छाया में ढक देने पर ग्रहण लगता है. इस दौरान इन ग्रहों का प्रभाव अत्यधिक होता है. गर्भवती महिला ग्रहण के समय बाहर जाती है या रहती है, तो उसके गर्भ में पल रहे शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. शिशु में अंगों की वृद्धि पर प्रभाव पड़ सकता है. जन्मजात रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
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वैज्ञानिक कारण
विज्ञान के अनुसार, ग्रहण के समय कुछ हानिकारक किरणें पृथ्वी पर आती हैं. इन किरणों का सीधा संपर्क अच्छा नहीं माना जाता है. विशेषकर ये किरणें गर्भ पर नकारात्मक असर डाल सकता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय घर के भीतर रहने के लिए कहा जाता है. इससे मां और शिशु दोनों सुरक्षित रहते हैं।
चंद्र ग्रहण 2026 सूतक काल
03 मार्च, मंगलवार को चंद्र ग्रहण दोपहर 03 बजकर 20 से शाम 06 बजकर 47 तक रहेगा. इसके सूतक की शुरुआत सुबह 09 बजकर 06 से होगी और शाम 06 बजकर 47 मिनट तक चलेगा।
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