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Makar Sankranti 2026 : क्यों शुभ माना जाता है मकर संक्रांति पर काला रंग?

Surekha Bhosle
Surekha Bhosle
Makar Sankranti 2026 : क्यों शुभ माना जाता है मकर संक्रांति पर काला रंग?

हिंदू परंपरा में काले रंग का महत्व

हिंदू धर्म में आमतौर पर काले रंग को शुभ नहीं माना जाता। पूजा-पाठ, विवाह या मांगलिक कार्यों में काले वस्त्र पहनने से परहेज किया जाता है, क्योंकि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा और शोक का प्रतीक माना जाता है।

मकर संक्रांति पर बदल जाता है काले रंग का अर्थ

मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है, जहाँ काले रंग (Black color) को विशेष रूप से शुभ और सकारात्मक माना जाता है। इस दिन काले वस्त्र पहनने की परंपरा महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में प्रचलित है।

Makar Sankranti 2026: आमतैर पर किसी भी तीज-त्योहार या पूजा-पाठ के मौके पर काले कपड़े पहनने से मना किया जाता है, लेकिन मकर संक्रांति एक ऐसा त्योहार है जब काले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं कि इसके पीछे का कारण क्या है?

Makar Sankranti 2026: सनातन धर्म में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व बहुत विशेष माना जाता है. ये पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. इस दिन सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है. गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है. इस दिन दान का विशेष महत्व होता है. इस साल 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा.

पूरे देश में मकर संक्रांति का पर्व अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. इसे खिचड़ी भी कहते हैं. इस दिन आसमान पंतगों से भर जाता है. आमतैर पर किसी भी तीज-त्योहार या पूजा-पाठ के मौके पर काले कपड़े पहनने से मना किया जाता है, लेकिन मकर संक्रांति एक ऐसा त्योहार है जब काले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं कि इसके पीछे का कारण क्या है?

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मकर संक्रांति पर काला रंग पहनना क्यों है शुभ?

मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में काले रंग का संबंध शनि देव से बताया गया है, इसलिए मकर संक्रांति के दिन काले कपड़े पहनें जाते हैं. मकर संक्रांति के दिन काला रंग पहनने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत में मकर संक्रांति के दिन विशेषकर काले रंग के वस्त्र पहनें जाते हैं.

इसलिए भी पहनें जाते हैं काले रंग के कपड़े

इसके अलावा मकर संक्रांति का पर्व ऋतु परिवर्तन का भी त्योहार माना जाता है. कहते हैं कि सूर्य देव के उत्तरायण होने पर सर्दी का मौसम खत्म होने लगता है. इसके साथ ही पतझड़ की शुरुआत हो जाती है. हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन बहुत ठंड होती है. ऐसे में काले रंग के कपड़े पहनने से शरीर को गर्मी मिलती है. इसलिए भी मकर संक्रांति पर काले रंग के कपड़े पहनने की परंपरा चली आ रही है.

मकर संक्रांति का भगवान कौन था?

मकर संक्रांति हिंदू कैलेंडर में एक त्योहार का दिन है, जो देवता सूर्य (सूर्य) को समर्पित है।

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