हिंदुस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के फैसले पर कड़ी नाखुशी जताई है। HCA के लोकपाल के निर्देश पर राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम, उप्पल के नॉर्थ स्टैंड से अजहरुद्दीन का नाम निकाल दिया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अजहरुद्दीन ने इसे “दिल तोड़ने वाला” और “खेल का अपमान” समझौता दिया।
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने उठाई नियमानुकूल कार्रवाई की मांग
पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, “यह चिंतन दुख होता है कि मैंने क्रिकेट खेला। आज खेल का नेतृत्व ऐसे लोग कर रहे हैं, जिन्हें क्रिकेट की मुख्य बुद्धि भी नहीं है।” अजहरुद्दीन ने साफ कहा कि वे इस निर्णय के विरुद्ध कानूनी रास्ता अपनाएंगे और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से भी इस समस्या में हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

पुराने विवाद फिर आए सामने
अजहरुद्दीन ने यह भी कहा कि HCA के अंदर भ्रष्टाचार उजागर करने के चलते उन्हें लगातार हदफ़ बनाया जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि जब वे HCA अध्यक्ष थे, तब सनराइजर्स हैदराबाद के टिकट वितरण को लेकर भी संघर्ष हुआ था। उन्होंने मांग किया कि उन्हें सोची-समझी चुनाव लड़ने से भी रोका गया था।

लोकपाल के हिदायत के पीछे की वजह
रिटायर्ड जस्टिस वी. ईश्वरैया, जो HCA के एथिक्स ऑफिसर हैं, ने लॉर्ड्स क्रिकेट क्लब की याचिका पर यह हिदायत दिया। याचिका में इलज़ाम था कि दिसंबर 2019 में अध्यक्ष बनने के एक मास बाद ही अजहरुद्दीन ने नॉर्थ स्टैंड का नाम अपने नाम पर रखने का योजना पास कराया, जो कि संविधान का अतिक्रमण था। इस योजना को जनरल बॉडी की मंजूरी नहीं मिली थी।