हैदराबाद। हैदराबाद सिटी ट्रैफिक पुलिस ने प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान फर्जी नंबर प्लेट (Fake Number Plate) के उपयोग का मामला उजागर किया है। इस सूचना के आधार पर अत्तापुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सैयद रिजवान अली (उम्र 28 वर्ष), पुत्र सैयद आदिल अहमद, निवासी हैप्पी होम फॉर्च्यून, उप्परपल्ली, राजेंद्रनगर, रंगारेड्डी जिला, मूल निवासी एलुगेंडल (गांव), करीमनगर जिला के रूप में हुई है।
जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी ने सरकारी अधिकारियों एवं प्रवर्तन एजेंसियों को भ्रमित करने तथा ट्रैफिक चालान से बचने के उद्देश्य से फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (Fake Registration Number Plate) का उपयोग किया। आरोपी द्वारा वाहन पर MH04KW7706 (हुंडई क्रेटा) की फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। इस फर्जी नंबर प्लेट के कारण वास्तविक वाहन मालिक मुंबई निवासी यश मनोज पालरेचा (रहवासी वसईली नगर, मुलुंड वेस्ट, मुंबई) के नाम पर गलत ट्रैफिक चालान जनरेट हो गए।
आरोपी को बीएनएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस
इस मामले में एट्टापुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 547/2026 दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को बीएनएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया गया है, जो कि सीआरपीसी की धारा 41 के समकक्ष है। पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि आरोपी द्वारा उपयोग किए गए वास्तविक वाहन नंबर का पता लगाया जा सके।
यह मामला हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस और एट्टापुर पुलिस के संयुक्त प्रयासों से उजागर हुआ है। ट्रैफिक पुलिस ने जनता को चेतावनी दी है कि फर्जी, समान या छेड़छाड़ की गई नंबर प्लेट का उपयोग एक गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरों जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से ऐसे वाहनों की पहचान और निगरानी की जा रही है।
तेलंगाना में ट्रैफिक पुलिस की सैलरी कितनी है?
वेतन पद, अनुभव और सरकारी नियमों के अनुसार अलग-अलग होता है। कांस्टेबल स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को शुरुआती वेतन भत्तों सहित अच्छा मासिक भुगतान मिलता है। प्रमोशन होने पर आय में वृद्धि होती है और हेड कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर तथा उच्च पदों पर वेतन अधिक हो जाता है। सरकारी सुविधाओं जैसे मेडिकल, यात्रा भत्ता और पेंशन का लाभ भी दिया जाता है। ड्यूटी की प्रकृति और शहर के अनुसार अतिरिक्त भत्ते भी मिल सकते हैं। पुलिस विभाग में भर्ती के बाद प्रशिक्षण और सेवा अवधि के आधार पर वेतन बढ़ता रहता है।
हैदराबाद में ट्रैफिक चालान कैसे चेक करें?
वाहन नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर की मदद से ऑनलाइन चालान स्थिति देखी जा सकती है। Hyderabad Traffic Police Portal पर जाकर “E-Challan Status” विकल्प में जानकारी दर्ज करनी होती है। इसके बाद लंबित और भुगतान किए गए चालान की जानकारी दिखाई देती है। Parivahan E-Challan Portal के माध्यम से भी चालान जांचा जा सकता है। फर्जी संदेशों और नकली लिंक से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
मैं हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस से कैसे संपर्क करूं?
Hyderabad Traffic Police Official Website के जरिए हेल्पलाइन और संपर्क सेवाएं उपलब्ध हैं। ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 9010203626 और ई-चालान हेल्पलाइन 040-27852721 जारी किए गए हैं। गलत चालान या ट्रैफिक संबंधी शिकायतों के लिए आधिकारिक पोर्टल और हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है। आपात स्थिति में 100 और 112 नंबर भी उपयोग किए जाते हैं। केवल सरकारी वेबसाइट और सत्यापित नंबरों पर ही भरोसा करने की सलाह दी जाती है।
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