हैदराबाद। तेलंगाना के मंत्री पोन्नम प्रभाकर (Ponnam Prabhakar) ने मंगलवार को निलोफर अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और नर्सों की निःस्वार्थ सेवा तथा मरीजों के प्रति उनके करुणामय व्यवहार की सराहना की। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद अनिल कुमार यादव, मत्स्य निगम के चेयरमैन मेट्टू साई कुमार, जिला कलेक्टर प्रियंका आला, डीएमएचओ वेणकट, निलोफर अस्पताल अधीक्षक (Hospital Superintendent) डॉ. विजय कुमार, आरडीओ रामकृष्ण सहित नर्सें एवं अस्पताल कर्मचारी उपस्थित रहे। मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने इस अवसर पर नर्सों को उनके समाज के प्रति समर्पित सेवाभाव के लिए सम्मानित किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं बल्कि सेवा और करुणा पर आधारित एक महान कर्तव्य है।
मरीजों के इलाज में डॉक्टरों की भूमिका महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज में डॉक्टरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन नर्सों द्वारा दी जाने वाली देखभाल, भावनात्मक समर्थन और सतत सेवा मरीजों के स्वास्थ्य लाभ में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद नर्सों के समर्पण की उन्होंने विशेष प्रशंसा की। निलोफर अस्पताल के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि यह संस्थान दशकों से बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहा है और वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1,500 ओपीडी मरीजों तथा करीब 2,000 इनडोर बेड क्षमता के साथ सेवाएँ दे रहा है।
कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में नर्सों द्वारा निभाई गई निडर और निःस्वार्थ सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नर्सों ने न केवल उपचार में सहयोग दिया बल्कि मरीजों में विश्वास और आशा भी जगाई। उन्होंने आगे बताया कि शाम को स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा द्वारा नर्सों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ गरीब और वंचित वर्ग के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
नर्स को हिंदी में क्या कहते हैं?
हिंदी भाषा में इस पेशे से जुड़े व्यक्ति को “परिचारिका” कहा जाता है। पुरुष के लिए “परिचारक” शब्द का उपयोग भी किया जाता है। अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों की देखभाल, दवाइयों की निगरानी और डॉक्टरों की सहायता करना इनका मुख्य कार्य माना जाता है। चिकित्सा क्षेत्र में इनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मरीजों की सेवा और स्वास्थ्य देखभाल में योगदान के कारण इस पेशे को सम्मानजनक माना जाता है। आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
नर्सिंग में सबसे ऊंचा पद कौन सा है?
स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशासनिक और प्रबंधन स्तर पर “चीफ नर्सिंग ऑफिसर” या “नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट” जैसे पद सबसे ऊंचे माने जाते हैं। बड़े अस्पतालों में ये पद पूरे नर्सिंग स्टाफ के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते हैं। अनुभव, शिक्षा और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर पदोन्नति मिलती है। कुछ लोग उच्च शिक्षा प्राप्त कर शिक्षण और शोध क्षेत्र में भी वरिष्ठ पदों तक पहुंचते हैं। चिकित्सा संस्थानों में इनकी भूमिका मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नर्स की सैलरी कितनी होती है?
वेतन अस्पताल, अनुभव, योग्यता और सरकारी या निजी क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। शुरुआती स्तर पर निजी अस्पतालों में आय कम हो सकती है, जबकि सरकारी संस्थानों में वेतन और सुविधाएं बेहतर मानी जाती हैं। अनुभव बढ़ने के साथ आय में भी वृद्धि होती है। विदेशों में कार्य करने वाली प्रशिक्षित नर्सों को अपेक्षाकृत अधिक वेतन मिलता है। अतिरिक्त भत्ते, ड्यूटी समय और विशेष प्रशिक्षण भी आय को प्रभावित करते हैं। चिकित्सा क्षेत्र में मांग बढ़ने के कारण इस पेशे में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
लड़कियों के लिए कौन सा नर्सिंग कोर्स सबसे अच्छा है?
बीएससी नर्सिंग को सबसे लोकप्रिय और बेहतर विकल्पों में गिना जाता है, क्योंकि इसमें सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार की शिक्षा दी जाती है। इसके अलावा जीएनएम और एएनएम जैसे कोर्स भी स्वास्थ्य सेवाओं में करियर बनाने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कोर्स का चयन रुचि, योग्यता और भविष्य के करियर लक्ष्य के अनुसार करना उचित माना जाता है। उच्च शिक्षा और अनुभव के बाद अस्पताल प्रबंधन, शिक्षण और विदेशों में नौकरी के अवसर भी मिल सकते हैं। चिकित्सा क्षेत्र में यह पेशा सम्मानजनक और स्थिर करियर माना जाता है।
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