Cyber ​​Crime : पुलिस की अनूठी पहल, देश का पहला ‘डिफ्रीज अकाउंट्स मेला’

Read Time:  1 min
पुलिस
पुलिस
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। साइबराबाद पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने देश में पहली बार ‘डिफ्रीज अकाउंट्स मेला’ का आयोजन कर एक नई पहल की। यह विशेष कार्यक्रम साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय के सभागार में आयोजित किया गया, जहां साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) की जांच के दौरान फ्रीज किए गए बैंक खातों के पात्र खाताधारकों को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC ) सौंपे गए।

कुछ फ्रीज खातों का आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं

इस अवसर पर साइबर क्राइम डीसीपी टी. साई मनोहर ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में पीड़ित जब 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी)के माध्यम से शिकायत दर्ज कराते हैं, तो संदिग्ध लेन-देन से जुड़े बैंक खातों को तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है, ताकि धनराशि के दुरुपयोग को रोका जा सके। हालांकि जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ फ्रीज किए गए खाते ऐसे व्यक्तियों के थे जिनका किसी भी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं था।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने विशेष सत्यापन अभियान चलाते हुए एनसीआरपी प्रणाली के माध्यम से फ्रीज किए गए लगभग 110 खातों की जांच की। खाताधारकों की पहचान, लेन-देन का विवरण और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद निर्दोष पाए गए खातों को विधिक प्रक्रिया पूरी कर डिफ्रीज किया गया।

निर्दोष नागरिकों को समय पर मिली राहत

उन्होंने कहा कि इस पहल से निर्दोष नागरिकों को समय पर राहत मिली है और पुलिस को संगठित साइबर अपराधियों पर ध्यान केंद्रित करने में सुविधा होगी। कार्यक्रम में एसीपी ए. रविंदर रेड्डी सहित इंस्पेक्टर राघवेंद्र, शिवाप्रसाद, रामिरेड्डी, दुर्गा रामलिंगा प्रसाद, विजय कुमार, मधु और अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। साइबराबाद पुलिस की इस पहल को नागरिकों के हित में एक सराहनीय और अभिनव कदम माना जा रहा है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।