Heat Waves: करीमनगर में 10 दिनों में लू से 7 की मौत

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भीषण गर्मी में काम करने वाले मजदूरों की जा रही है जान

करीमनगर । पिछले कुछ दिनों से राज्य भर में भीषण गर्मी और गर्म हवाओं के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग सुबह 9 बजे के बाद बाहर निकलने से डर रहे हैं। अगर वे बाहर निकलते भी हैं तो गर्मी से बचने के लिए एहतियात बरत रहे हैं। बिना सावधानी बरते भीषण गर्मी में काम करने वाले मजदूरों की जान जा रही है। अब तक, पूर्ववर्ती करीमनगर जिले में दस दिनों के भीतर लू लगने से सात लोगों की मौत हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि अकेले शुक्रवार को ही चार लोगों की जान चली गई।

लू से हुई इतनी मौतें

थिम्मापुर मंडल के पोलमपल्ली के एक खेत मजदूर रेड्डी रामचंद्रम (26), जगतियाल शहर के गोलापल्ली जगन गौड़ (38), धर्माराम मंडल के नरसिम्हुलापल्ली के कुम्मारिकुंटा राजैया (67) और एक जीप चालक, जम्मीकुंटा के ओल्लाला वेंकटेश्वरलु की शुक्रवार को सनस्ट्रोक से मौत हो गई। वेमुलावाड़ा मंडल के हनुमाजीपेट के एक ऑटोरिक्शा चालक शंकरैया (46) की 17 अप्रैल को जान चली गई। उडिगे इलम्मा (59) की 21 अप्रैल को मौत हो गई। शंकरपट्टनम मंडल के गोलापल्ली की मूल निवासी इलम्मा खेत मजदूर के रूप में काम करती थीं।

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने की चेतावनी जारी

इल्लंथाकुंटा मंडल के वल्लमपटला के पाठा भूमैया (55) ने 22 अप्रैल को अंतिम सांस ली। भूमैया गांवों में घूमकर इमली के बीज खरीदते थे। ग्रामीण इलाकों में घूमने के दौरान उन्हें लू लग गई। हालांकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने की चेतावनी जारी कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग, खास तौर पर मजदूर, इन सावधानियों की परवाह नहीं कर रहे हैं।

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