कर्मचारी संघों द्वारा हड़ताल की योजना की घोषणा के बाद सकते में सरकार
हैदराबाद। कर्मचारी संघों द्वारा हड़ताल की योजना की घोषणा के बाद, राज्य सरकार ने मंगलवार को कर्मचारी संघों के लंबे समय से लंबित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तीन सदस्यीय अधिकारी समिति का गठन किया। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी चर्चा पूरी कर सरकार को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने पिछले साल उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता में एक कैबिनेट उप समिति गठित की थी। हालांकि, कर्मचारी यूनियनों ने आरोप लगाया कि कैबिनेट उप समिति ने उनके साथ एक भी बैठक नहीं की।
कर्मचारी संघों ने बनाई थी हड़ताल की योजना
इसी के तहत उन्होंने रविवार को अपनी हड़ताल की योजना की घोषणा की थी। कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने राजस्व प्रमुख सचिव नवीन मित्तल की अध्यक्षता में अधिकारी समिति का गठन किया है । पीआरआरडी सचिव लोकेश कुमार और टीजीट्रांसको के सीएमडी कृष्ण भास्कर इस समिति के सदस्य हैं। इसे कल्याणकारी उपायों और शिकायतों पर मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श करने का निर्देश दिया गया है। समिति को संघों द्वारा उठाए गए लंबित मुद्दों की पहचान, वर्गीकरण और जांच करने और सरकार को विशिष्ट और व्यवहार्य सिफारिशों के साथ एक समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
हड़ताल से आम आदमी को होती है समस्या
कर्मचारियों के हड़ताल से सबसे ज्यादा आम आदमी प्रभावित होते हैं। उनका कोई भी काम नहीं होता है जिससे वह सरकार पर अपना भड़ास निकालते हैं। ऐसे में कोई भी सरकार हो वह कर्मचारियों का हड़ताल नहीं चाहती है। इसी क्रम में तेलंगाना में भी कर्मचारियों के हड़ताल की घोषणा के बाद सरकार के हाथ पांव फूलने लगे। आननफानन में प्रशासन ने कर्मचारियों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।