AI job loss : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से विकास के साथ दुनिया भर में नौकरियों के भविष्य को लेकर नई चिंताएँ सामने आ रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट AI प्रमुख मुस्तफा सुलेमान ने चेतावनी दी है कि अगले 12 से 18 महीनों में बड़ी संख्या में व्हाइट-कॉलर नौकरियाँ ऑटोमेशन की चपेट में आ सकती हैं। अकाउंटिंग, लीगल सेवाएँ, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, मार्केटिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे कंप्यूटर आधारित कार्यों पर AI का बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इसी बीच HyperWrite के CEO मैट शूमर की चेतावनी ने व्यापक चर्चा छेड़ दी है। “Something Big Is Happening” शीर्षक से लिखे गए लेख में उन्होंने AI के प्रभाव की तुलना कोविड-19 महामारी से की है। उन्होंने कहा कि जैसे 2020 में दुनिया ने कोविड को शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया, वैसे ही आज लोग AI के प्रभाव को कम आंक रहे हैं। उनके अनुसार आने वाले समय में AI से होने वाले बदलाव कोविड से भी बड़े साबित हो सकते हैं।
अन्य पढ़े: इसी महीने डीवाई पाटिल टी20 टूर्नामेंट में उतरेंगे वैभव सूर्यवंशी
विशेषज्ञों का कहना है कि स्क्रीन आधारित नौकरियाँ जैसे कोडिंग, (AI job loss) लेखन, डेटा विश्लेषण और कस्टमर सपोर्ट — तेजी से बदलने वाली हैं। खासकर एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर नौकरियों का लगभग 50% तक समाप्त होने का खतरा जताया जा रहा है। नई पीढ़ी के AI मॉडल अब केवल निर्देशों का पालन नहीं कर रहे, बल्कि स्वयं निर्णय लेने की क्षमता भी दिखा रहे हैं। इसलिए AI को सिर्फ सर्च टूल की तरह नहीं, बल्कि कार्य क्षमता बढ़ाने वाले शक्तिशाली साधन के रूप में उपयोग करना सीखना जरूरी है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :