జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య జైశంకర్, రూబియో భేటీ..ట్రేడ్​ డీల్​పై హర్షం ఫెడ్ ఛైర్మన్‌గా కెవిన్ వార్ష్.. గ్లోబల్ మార్కెట్లలో ప్రకంపనలు H-1B వీసా షాక్, లక్ష డాలర్ల ఫీజు ఘోర విమాన ప్రమాదం..15 దుర్మరణం కొత్త H-1B వీసా దరఖాస్తులను నిలిపివేసిన టెక్సాస్ 16 వేల మంది ఉద్యోగులకు లేఆప్స్ USలో మంచు తుఫాన్.. 29 మంది మృతి పెళ్లి వేడుకలో ఆత్మాహుతి దాడి ఇరాన్ వైపు భారీగా యుద్ధ నౌకలు చంద్రుడిపై హోటల్ ‘ఎప్‌స్టీన్’ ప్రకంపనలు ట్రంప్‌కు విజ్ఞప్తి చేసి యువకుడి ఆత్మహత్య

USA- अमेरिकी कोर्ट ने ट्रंप को दिया बड़ा झटका, 10% टैरिफ अवैध घोषित

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: May 8, 2026 • 10:05 AM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की व्यापारिक नीति को एक बार फिर अदालत से बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी ट्रेड कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत अस्थायी वैश्विक टैरिफ को गलत ठहराते हुए कहा कि यह 1974 के ट्रेड एक्ट के तहत वैध नहीं है। हालांकि कोर्ट ने फिलहाल इस आदेश पर रोक केवल दो निजी आयातकों और वाशिंगटन राज्य तक सीमित रखी है।

ट्रेड कोर्ट के फैसले से बढ़ी ट्रंप की मुश्किलें

यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने 2-1 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन (Trump Administrative) ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 का गलत इस्तेमाल कर वैश्विक टैरिफ लागू किया। कोर्ट के इस फैसले का असर फिलहाल सीमित रहेगा, क्योंकि अन्य आयातकों पर यह शुल्क अभी भी लागू रहेगा। बताया जा रहा है कि इस मामले की विस्तृत सुनवाई जुलाई तक पूरी हो सकती है, जिसके बाद टैरिफ नीति पर अंतिम फैसला सामने आएगा।

चीन वार्ता से पहले आया अहम फैसला

अमेरिकी अदालत का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अगले सप्ताह बीजिंग में अमेरिकी प्रतिनिधियों और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच व्यापारिक तनाव को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने वाली है। ऐसे में कोर्ट का यह निर्णय ट्रंप प्रशासन की व्यापारिक रणनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ की अवधि अगले दो महीनों में समाप्त होने वाली थी, लेकिन कोर्ट की टिप्पणी ने ट्रंप की वैश्विक व्यापार नीति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट भी पहले रद्द कर चुका है टैरिफ

इससे पहले करीब तीन महीने पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (Americi Supreme Court) ने राष्ट्रीय आपातकाल कानून के तहत लगाए गए ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था। अब ट्रेड कोर्ट का नया फैसला ट्रंप प्रशासन के लिए लगातार दूसरी बड़ी कानूनी हार माना जा रहा है।

फैसले पर ट्रंप ने जताई नाराजगी

कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दो जजों पर पक्षपात का आरोप लगाया। वाशिंगटन में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अब अदालतों के ऐसे फैसलों पर उन्हें कोई आश्चर्य नहीं होता। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार एक रास्ता बंद होने पर दूसरे कानूनी विकल्प के जरिए अपनी व्यापार नीति को आगे बढ़ाएगी।

अन्य पढ़े: सुवेंदु अधिकारी के PA की पेशेवर हत्या

धारा 301 के जरिए फिर टैरिफ की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप प्रशासन अब 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 का सहारा लेकर प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों पर नए टैरिफ लगाने की तैयारी में है। यह कानून अनुचित व्यापारिक गतिविधियों से संबंधित है और फिलहाल इसके तहत तीन अलग-अलग जांच जारी हैं। इन जांचों के जुलाई तक पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Read More :

# Paper Hindi News #Breaking News in Hindi #BreakingNews #Donald Trump news #Hindi News Paper #Latest news #LatestNews breakingnews latestnews trendingnews

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.