साहस ने बचाई पूरे परिवार की जान
पर्थ: ऑस्ट्रेलिया(Australia) में 13 साल के ऑस्टिन एपलबी ने ऐसा साहस दिखाया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। तेज तूफान के बीच समुद्र में करीब चार घंटे तैरकर उसने अपनी मां और दो छोटे भाई-बहनों की जान बचाई। परिवार छुट्टियां मना रहा था, तभी अचानक मौसम बिगड़ गया और उनकी बोट पलट गई। हालात ऐसे बने कि मदद लाने की जिम्मेदारी सबसे छोटे सदस्य को उठानी पड़ी।
यह घटना पर्थ(Perth) के पास क्विंडलप(Quindalup) इलाके में हुई, जहां जोआन एपलबी अपने बच्चों के साथ समुद्र में पैडलबोर्डिंग कर रही थीं। शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन तेज हवा चलने से संतुलन बिगड़ गया। बोट पलटते ही परिवार समुद्र में बहने लगा। तब जोआन ने अपने बेटे ऑस्टिन को किनारे तक तैरकर मदद लाने को कहा, क्योंकि वही सबसे मजबूत नजर आ रहा था।
जब हालात अचानक बेकाबू हुए
तेज हवा और ऊंची लहरों के कारण सभी के चप्पू गिर गए। पैडलबोर्ड(Australia) नियंत्रण से बाहर हो गया और परिवार धीरे-धीरे खुले समुद्र में बहने लगा। दूरी बढ़ती जा रही थी और किनारा नजरों से ओझल होता जा रहा था। मां ने समझ लिया कि अगर कोई किनारे तक नहीं पहुंचा, तो सभी की जान खतरे में पड़ सकती है।
ऑस्टिन ने लाइफ जैकेट उतार दी, क्योंकि वह तैरने में बाधा बन रही थी। वह लगातार तैरता रहा और मन में सिर्फ एक ही बात थी कि किसी तरह मदद पहुंचानी है। परिवार पीछे समुद्र में फंसा रहा और समय के साथ हालात और डरावने होते चले गए।
किनारे तक पहुंचने की जंग
करीब चार घंटे की जद्दोजहद के बाद ऑस्टिन के पैर जमीन से टकराए। उसे खुद यकीन नहीं हुआ कि वह बच निकला है। इसके बाद उसने किनारे से करीब दो किलोमीटर तक दौड़ लगाई, ताकि फोन तक पहुंच सके। उसने रेस्क्यू टीम और पुलिस को सूचना दी और थकान के कारण वहीं गिर पड़ा।
दूसरी ओर, समुद्र में मां और बच्चे अंधेरे, ठंड और ऊंची लहरों से जूझते रहे। वे लाइफ जैकेट और पैडलबोर्ड के सहारे खुद को संभाले हुए थे। मां को लगने लगा था कि शायद ऑस्टिन वापस नहीं आ पाएगा, लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।
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बचाव अभियान और राहत
काफी देर की तलाश के बाद रेस्क्यू टीम ने परिवार को करीब 14 किलोमीटर दूर समुद्र में ढूंढ निकाला। एक बड़ी लहर में बच्चे पानी में गिर गए थे, लेकिन समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाद में सभी को अस्पताल(Australia) ले जाया गया, जहां जांच के बाद छुट्टी दे दी गई।
पुलिस ने कहा कि इस बच्चे का साहस असाधारण है। अधिकारियों(Australia) के मुताबिक समुद्र का मिजाज बहुत तेजी से बदलता है और ऐसी स्थिति में संयम और हिम्मत ही सबसे बड़ा सहारा बनती है। ऑस्टिन ने खुद को हीरो मानने से इनकार किया और कहा कि उसने बस वही किया जो जरूरी था।
इतने कम उम्र में यह हिम्मत कैसे संभव हुई?
ऑस्टिन ने बताया कि उसने चार साल की उम्र से तैरना सीखा था। उसने वॉटर सेफ्टी क्लास भी की थी, जिससे उसे आत्मविश्वास मिला। कठिन हालात में उसने डर पर काबू रखा और लगातार आगे बढ़ता रहा।
यह घटना समुद्री सुरक्षा के बारे में क्या सिखाती है?
यह घटना बताती है कि समुद्र में सुरक्षा उपकरण कितने जरूरी हैं। लाइफ जैकेट की वजह से मां और बच्चे जिंदा रह पाए। साथ ही मौसम बदलने के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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