सीने के इन्फेक्शन से जूझ रहीं
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश(Bangladesh) नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष खालिदा जिया की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। 80 वर्षीय जिया को सीने में गंभीर इन्फेक्शन(Severe Infection) के कारण 23 नवंबर को ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसका असर उनके दिल और फेफड़ों पर पड़ा है।
BNP के महासचिव मिर्जा इस्लाम आलमगीर ने शुक्रवार को उनकी बिगड़ती शारीरिक स्थिति की जानकारी दी। वह पिछले कई सालों से लिवर, किडनी, डायबिटीज और गठिया जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने उनकी सेहत पर गहरी चिंता जताते हुए देश की जनता से उनके जल्द ठीक होने के लिए दुआ करने की अपील की है।
लंबी सज़ा और शेख हसीना के तख्तापलट के बाद रिहाई
खालिदा जिया को फरवरी 2018 में जिया अनाथालय ट्रस्ट घोटाले के आरोप में 5 साल की सज़ा सुनाई गई थी, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने बढ़ाकर 10 साल कर दिया था। लगभग 5 साल तक कानूनी प्रक्रियाओं और सज़ा के चलते जेल में रहने के बाद, उन्हें 6 अगस्त 2024 को शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के एक दिन बाद रिहा किया गया था। रिहाई के तुरंत बाद, वह बेहतर इलाज के लिए लंदन चली गई थीं और 4 महीने बाद 6 मई को देश लौटीं। खालिदा जिया दो बार (1991-1996 और 2001-2006) बांग्लादेश(Bangladesh) की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं और वह बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जिया-उर-रहमान की पत्नी हैं।
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बेगमों की लड़ाई और राजनीतिक सफ़र की शुरुआत
बांग्लादेश(Bangladesh) की राजनीति लंबे समय से दो कद्दावर महिला नेताओं-अवामी लीग की शेख हसीना और BNP की खालिदा जिया-के बीच ध्रुवीकृत रही है, जिसे मीडिया ‘बैटल ऑफ बेगम्स’ का नाम देती है। खालिदा जिया का राजनीति में प्रवेश उनके पति जियाउर रहमान की हत्या के बाद हुआ था। रहमान, जो बांग्लादेश की स्वतंत्रता की लड़ाई में प्रभावशाली थे और बाद में राष्ट्रपति बने, की हत्या 30 मई 1981 को हुई थी। पति की मौत के बाद BNP पार्टी को एकजुट रखने के लिए खालिदा ने 1984 में पार्टी की कमान संभाली। 1991 में लोकतांत्रिक चुनाव होने पर उन्होंने जीत हासिल की और बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं, जिसके बाद 1996 में सत्ता गंवाने के बाद वह 2001 में फिर से प्रधानमंत्री बनी थीं।
खालिदा जिया को किस आरोप में सज़ा मिली थी, और उनकी सज़ा को बढ़ाकर कितने साल कर दिया गया था?
जिया को जिया अनाथालय ट्रस्ट के नाम पर सरकारी पैसे के गबन के आरोप में सज़ा मिली थी। हाईकोर्ट ने उनकी शुरुआती 5 साल की सज़ा को बढ़ाकर 10 साल कर दिया था।
उनको कब और किस घटना के बाद जेल से रिहा किया गया था?
खालिदा जिया को 6 अगस्त 2024 को, तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट (सरकार गिरने) के ठीक एक दिन बाद, जेल से रिहा किया गया था।
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