CPEC की रक्षा के लिए देश में बनेंगी ‘चीनी सुरक्षा चौकियां’
इस्लामाबाद/बीजिंग: संप्रभुता से समझौता और चीन(China) की कड़ी फटकारपाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और गृहमंत्री मोहसिन नकवी को आखिरकार चीन की सुरक्षा मांगों के आगे झुकना पड़ा है। बार-बार हो रहे हमलों में चीनी नागरिकों की मौत से नाराज बीजिंग ने पाकिस्तान को दो-टूक चेतावनी दी थी। अब तक पाकिस्तान ‘राष्ट्रीय संप्रभुता’ का हवाला देकर चीनी सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी का विरोध कर रहा था, लेकिन $60$ अरब डॉलर के CPEC निवेश को डूबने से बचाने के लिए अब पाकिस्तान अपनी धरती पर चीनी ‘सुरक्षा चौकी’ बनाने पर सहमत हो गया है। यह समझौता गृहमंत्री नकवी की हालिया चीन यात्रा (जनवरी 2026) के दौरान हुआ है।
नई ‘विशेष सुरक्षा इकाई’ (SPU) का गठन
चीनी नागरिकों और परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान एक नई विशेष सुरक्षा इकाई (Special Protection Unit) का गठन करेगा। इसकी शुरुआत राजधानी इस्लामाबाद से की जा रही है। यह ढांचा केवल पाकिस्तानी सेना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें चीनी सुरक्षा एजेंसियों का सीधा समन्वय, खुफिया जानकारी साझा करना और आतंकवाद विरोधी तंत्र में चीनी(China) भागीदारी भी शामिल होगी। चीन अब पारंपरिक सुरक्षा से आगे बढ़कर हथियारों की आधुनिक तैनाती और लेयर्ड सुरक्षा तंत्र चाहता है, जिसमें पाकिस्तानी पुलिस को भी चीनी विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी।
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बलूच विद्रोहियों की चुनौती और भविष्य का संकट
बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय विद्रोही संगठन (BLA) लगातार चीनी नागरिकों और इंजीनियरों को निशाना बना रहे हैं। साल 2014 से अब तक करीब 90 चीनी(China) नागरिक हमलों में मारे जा चुके हैं। बलूच विद्रोहियों का आरोप है कि चीन उनके प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहा है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार और गृहमंत्री ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा खामियों को दूर किया जा रहा है, लेकिन देश के भीतर विदेशी सुरक्षा तंत्र की सक्रियता पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर सकती है।
पाकिस्तान अपनी धरती पर चीनी सुरक्षा चौकियां बनाने के लिए क्यों तैयार हुआ है?
इसमें CPEC प्रोजेक्ट में लगे दर्जनों चीनी(China) नागरिकों की हत्या के बाद चीन ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई थी। $60$ अरब डॉलर के निवेश और “ऑल-वेदर” दोस्ती को बनाए रखने के लिए बीजिंग के भारी दबाव के कारण पाकिस्तान को अपनी संप्रभुता की दलीलों को छोड़कर चीनी सुरक्षा तंत्र के लिए सहमत होना पड़ा।
पाकिस्तान द्वारा गठित की जाने वाली ‘विशेष सुरक्षा इकाई’ (SPU) का मुख्य कार्य क्या होगा?
इस यूनिट का मुख्य कार्य विशेष रूप से चीनी नागरिकों और रणनीतिक ठिकानों (जैसे ग्वादर पोर्ट और CPEC प्रोजेक्ट्स) की सुरक्षा करना होगा। यह यूनिट इस्लामाबाद जैसे शहरों में तैनात होगी और चीनी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय व खुफिया जानकारी साझा करने के साथ-साथ त्वरित आतंकवाद विरोधी कार्रवाई करेगी।
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