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USA- अमेरिका-ईरान तनाव से उछले कच्चे तेल के दाम, कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: April 22, 2026 • 12:33 PM
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जेनेवा । अमेरिका और ईरान के बीच हालिया संघर्ष भले ही फिलहाल थम गया हो, लेकिन इसके वैश्विक असर अब साफ दिखने लगे हैं। एक महीने तक चले तनाव और इस्लामाबाद (Islamabad) में हुई शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में फिर उछाल देखा जा रहा है। इसका असर एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

शांति वार्ता बेनतीजा, बढ़ा वैश्विक तनाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच 21 घंटे चली बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ गई है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने लगे हैं। इसका सीधा असर उन देशों पर पड़ रहा है जो तेल आयात पर निर्भर हैं, खासकर एशियाई अर्थव्यवस्थाएं।

चीन की ग्रोथ पर असर

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार चीन की आर्थिक वृद्धि दर इस साल 5 फीसदी से नीचे रह सकती है। अनुमान है कि 2026 में चीन की ग्रोथ 4.6 से 4.3 फीसदी के बीच रह सकती है। तेल आपूर्ति में बाधा और वैश्विक तनाव को इसके पीछे की बड़ी वजह माना जा रहा है।

भारत की अर्थव्यवस्था भी दबाव में

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर भी प्रभावित हो सकती है। पिछले साल 7 फीसदी से अधिक की दर से बढ़ी अर्थव्यवस्था इस साल करीब 6 फीसदी तक सिमट सकती है। कच्चे तेल, गैसोलीन और उर्वरक की बढ़ती कीमतें इसका प्रमुख कारण हैं।

एशिया-पैसिफिक पर व्यापक असर

इकोनॉमिस्ट हमजा मलिक के अनुसार एशिया-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रमुख इंजन है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सुस्ती का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। एशियाई विकास बैंक ने भी 2026 में क्षेत्र की ग्रोथ 5.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है, जो पिछले साल के 5.4 फीसदी से कम है।

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मिडिल ईस्ट तनाव बना बड़ी चिंता

रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और बढ़ती व्यापारिक अनिश्चितता वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। आने वाले समय में यदि तनाव कम नहीं हुआ, तो इसका असर और गहरा हो सकता है।

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