Delhi air pollution : दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। आज से BS-VI इंजन वाले वाहनों को ही राजधानी में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन भी नहीं दिया जाएगा।
इन नियमों का असर दिल्ली से सटे गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद से आने वाले करीब 12 लाख वाहनों पर पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, नोएडा से चार लाख, गुरुग्राम से दो लाख और गाजियाबाद से करीब 5.5 लाख वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
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नियमों के सख्त पालन के लिए 126 चेकपॉइंट्स पर 580 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। 37 प्रवर्तन वाहन भी लगाए गए हैं। पेट्रोल पंपों पर परिवहन विभाग और नगर निगम के अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगाए गए हैं, जो बिना वैध PUC वाले वाहनों की पहचान करेंगे।
सरकार का कहना है कि सर्दियों में वाहनों से होने वाला प्रदूषण (Delhi air pollution) PM10 का लगभग 19.7 प्रतिशत और PM2.5 का 25.1 प्रतिशत होता है। इसी वजह से ये सख्त फैसले लिए गए हैं। फिलहाल दिल्ली में GRAP स्टेज-4 लागू है।
इस बीच, संसद में प्रदूषण को लेकर चर्चा होने जा रही है। विपक्षी दलों की मांग पर लोकसभा में इस मुद्दे पर बहस होगी, जिसका जवाब केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव देंगे। दिल्ली का AQI नवंबर से ही ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी के बीच बना हुआ है। बुधवार शाम AQI 334 दर्ज किया गया।
बढ़ते प्रदूषण के चलते प्राथमिक स्कूलों में फिजिकल क्लासेस बंद कर दी गई हैं, जबकि सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी छात्रों को ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लास का विकल्प दिया गया है। कार्यालयों को भी 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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