H1B visa news : अमेरिका में काम कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी चिंता की खबर सामने आई है। फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सांसद ग्रेग स्ट्यूबी ने एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक विधेयक पेश किया है। इस बिल का नाम ‘एंडिंग एक्सप्लॉयटेटिव इंपोर्टेड लेबर एग्जेम्प्शंस एक्ट’ रखा गया है, जिसका मकसद अमेरिकी इमिग्रेशन कानूनों में बदलाव कर एच-1बी वीज़ा सिस्टम को समाप्त करना है।
ग्रेग स्ट्यूबी का कहना है कि विदेशी कामगारों को प्राथमिकता देना अमेरिकी नागरिकों के हितों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि बड़ी कंपनियां कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त कर अमेरिकी युवाओं के रोजगार के अवसर छीन रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘अमेरिकन ड्रीम’ को बचाने के लिए इस व्यवस्था पर रोक लगाना जरूरी है।
अन्य पढ़े: UIDAI-यूआईडीएआई ने एक करोड़ से अधिक बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट किया पूरा
अगर यह बिल कानून बन जाता है, तो अमेरिका में बसने का सपना देख रहे लाखों भारतीयों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। फिलहाल एच-1बी वीज़ा धारकों में 80 प्रतिशत से अधिक (H1B visa news) भारतीय और चीनी नागरिक हैं। इससे पहले ट्रंप सरकार भी इस वीज़ा से जुड़े नियमों को सख्त कर चुकी है। नए एच-1बी वीज़ा पर 1 लाख डॉलर तक की फीस लगाने और लॉटरी सिस्टम की जगह ज्यादा सैलरी वाली नौकरियों को प्राथमिकता देने का फैसला किया गया है। कम वेतन या एंट्री-लेवल नौकरियों के लिए वीज़ा मिलना और मुश्किल हो जाएगा। ये नियम 27 फरवरी से लागू होने वाले हैं। ऐसे में एच-1बी वीज़ा खत्म करने वाला यह नया बिल भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स की चिंता बढ़ा रहा है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :