बीजिंग,। चीन की तेजी से बदलती डिफेंस टेक्नोलॉजी (Defense Technology) ने अमेरिका (America) की रणनीतिक चिंताएं बढ़ा दी हैं। ड्रैगन के पास अब ऐसे उन्नत मिसाइल सिस्टम और स्टील्थ फाइटर जेट मौजूद हैं, जो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर (Aircraft Carrier) और सैन्य ठिकानों के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। खासतौर पर हाइपरसोनिक मिसाइलों की बढ़ती क्षमता को लेकर वॉशिंगटन सतर्क नजर आ रहा है।
हाइपरसोनिक मिसाइलें: सबसे बड़ी चिंता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन की हाइपरसोनिक मिसाइलें अत्यधिक गति और दिशा बदलने की क्षमता के कारण मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए मुश्किल चुनौती पेश करती हैं। इनकी रफ्तार आवाज की गति से कई गुना अधिक बताई जाती है, जिससे इन्हें ट्रैक और इंटरसेप्ट करना जटिल हो जाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसी स्थिति में अमेरिकी डिफेंस सिस्टम जैसे THAAD और Patriot को नई रणनीतियों की जरूरत पड़ सकती है।
डीएफ-17 और ‘कैरियर किलर’ खतरा
चीन की DF-17 मिसाइल को अत्याधुनिक हथियारों में गिना जाता है। बताया जाता है कि यह हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल से लैस है और उड़ान के दौरान अपना रास्ता बदल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के लिए संभावित चुनौती बन सकती है। इसके अलावा DF-21D को ‘कैरियर किलर’ कहा जाता है, क्योंकि इसे विशेष रूप से बड़े युद्धपोतों को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है। इससे अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर समूहों की सुरक्षा रणनीति पर असर पड़ सकता है।
जे-20 बनाम एफ-22 और एफ-35
चीन का स्टील्थ फाइटर जेट Chengdu J-20 पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे रडार से बच निकलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। इसकी तुलना अक्सर अमेरिकी F-22 Raptor और F-35 Lightning II से की जाती है। पैसिफिक क्षेत्र में अपनी हवाई बढ़त मजबूत करने के लिए चीन इन विमानों की संख्या बढ़ा रहा है।
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अंतरिक्ष और सैटेलाइट सुरक्षा पर खतरा
रिपोर्ट्स के अनुसार चीन एंटी-सैटेलाइट (ASAT) क्षमताओं पर भी काम कर चुका है। अगर किसी संघर्ष की स्थिति में संचार या जीपीएस सैटेलाइट्स को निशाना बनाया जाता है, तो आधुनिक युद्ध प्रणाली पर बड़ा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य का शक्ति संतुलन पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ साइबर और स्पेस डोमेन पर भी निर्भर करेगा। बदलते वैश्विक परिदृश्य में यह प्रतिस्पर्धा एक नए प्रकार की रणनीतिक होड़ का संकेत दे रही है।
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