Hindi News: संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर प्रहार: “आतंक पालना छोड़ो, अपनी अवाम का ख्याल रखो”

Read Time:  1 min
Kshitij Tyagi IN UN
Kshitij Tyagi IN UN
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली/जेनेवा, 24 सितंबर 2025
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि जो देश अपने ही नागरिकों पर बम गिरा रहा हो, उसे दूसरों को नसीहत देने का कोई हक़ नहीं है। भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान को घेरते हुए साफ कहा कि इस्लामाबाद को झूठे आरोप लगाने से पहले अपनी बिगड़ती अर्थव्यवस्था और आतंकवाद के ढांचे पर ध्यान देना चाहिए

खैबर पख्तूनख्वा की घटना पर सवाल

22 सितंबर की रात पाकिस्तानी सेना ने खैबर पख्तूनख्वा की तिराह घाटी में हवाई बमबारी की थी। स्थानीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई में महिलाओं और बच्चों सहित लगभग 30 नागरिकों की मौत हुई। पाकिस्तान सरकार ने इसे “आतंकवाद विरोधी अभियान” बताया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी आलोचना होने लगी।

भारत का तीखा जवाब

भारत ने इस घटना को पाकिस्तान के “कपटपूर्ण रवैये” का उदाहरण बताया और UNHRC में यह संदेश दिया:

  • आतंकवाद का मुद्दा: भारत ने कहा कि पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद को आश्रय देता रहा है और बार-बार भारत पर आतंकी हमलों के जरिए अस्थिरता फैलाने की कोशिश करता है।
  • दुष्प्रचार की राजनीति: पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ झूठे आरोप लगाता है, जबकि हकीकत यह है कि उसका अपना रिकॉर्ड बेहद खराब है।
  • अवैध कब्ज़े का मुद्दा: भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान को सबसे पहले अवैध कब्जे वाले भारतीय इलाकों को खाली करना चाहिए।
  • जनता की हालत: त्यागी ने तीखे लहजे में कहा, “अपनी जनता पर बम गिराने और आतंक पालने के बजाय पाकिस्तान को अपनी अर्थव्यवस्था संभालनी चाहिए।”

पाकिस्तान की छवि पर असर

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले ही आर्थिक संकट और घरेलू अस्थिरता से जूझ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नागरिकों की मौत का मामला उसके खिलाफ जाता दिख रहा है। भारत ने इस मौके का इस्तेमाल कर यह संदेश दिया कि पाकिस्तान की प्राथमिकता अपनी जनता का भला करना नहीं, बल्कि आतंकवाद और नफरत की राजनीति है।

UNHRC में भारत का यह रुख न सिर्फ पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी है, बल्कि वैश्विक समुदाय को भी यह याद दिलाता है कि आतंकवाद की समस्या केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है। सवाल अब यह है कि पाकिस्तान इस कड़े अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना किस तरह करेगा—क्या वह सुधार की ओर कदम बढ़ाएगा या फिर पुराने रास्ते पर ही चलता रहेगा।

Read Also

digital

लेखक परिचय

digital

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।