तेहरान । ईरान में बढ़ती महंगाई और रियाल (Riyal) की रिकॉर्ड गिरावट ने जनता का सब्र तोड़ दिया है। राजधानी तेहरान से शुरू हुआ विरोध अब देशव्यापी आंदोलन (Nationwide Movement) में बदलता दिख रहा है। लगातार तीसरे दिन भी कई शहरों में प्रदर्शन और हड़तालें जारी रहीं, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।
तेहरान से देशभर तक फैला आंदोलन
जो विरोध पहले व्यापारियों और दुकानदारों की हड़ताल तक सीमित था, वह अब व्यापक नागरिक आंदोलन का रूप ले चुका है। तेहरान के ऐतिहासिक ग्रैंड बाजार (Grand Bazar) से उठी चिंगारी कराज, हमेदान, केश्म, मलार्ड, इस्फहान, केरमनशाह, शिराज और यज़्द जैसे शहरों तक पहुंच गई है। कई इलाकों में बाजार बंद रहे और सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग उतरे।
जेन जेड और छात्रों की एंट्री से बदला माहौल
इस आंदोलन की सबसे अहम बात जेन जेड और विश्वविद्यालयी छात्रों की सक्रिय भागीदारी है। युवाओं ने न केवल महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि राजनीतिक व्यवस्था पर भी सीधा सवाल खड़ा किया। प्रदर्शनों के दौरान “तानाशाह को मौत” जैसे नारे लगाए गए, जिन्हें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ माना जा रहा है।
शाह के समर्थन में भी लगे नारे
कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने 1979 की क्रांति में सत्ता से हटाए गए शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रजा पहलवी के समर्थन में “शाह जिंदाबाद” के नारे लगाए। अमेरिका में निर्वासित रजा पहलवी ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा शासन में आर्थिक सुधार संभव नहीं है।
सरकार बैकफुट पर, बातचीत के संकेत
बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए ईरानी सरकार के रुख में नरमी के संकेत मिले हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि सरकार जनता की चिंताओं को समझती है और गृह मंत्री को प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय बैंक गवर्नर बदले गए
आर्थिक मोर्चे पर विश्वास बहाल करने के लिए राष्ट्रपति ने केंद्रीय बैंक के गवर्नर मोहम्मदरेजा फर्जीन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उनकी जगह पूर्व वित्त मंत्री अब्दुलनासिर हेम्मती को नया गवर्नर नियुक्त किया गया है।
रियाल की गिरावट बनी आंदोलन की जड़
इस जनाक्रोश की जड़ रियाल की ऐतिहासिक गिरावट है। खुले बाजार में ईरानी मुद्रा डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई, जिससे आयात और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुए। इसी के विरोध में ग्रैंड बाजार के व्यापारियों ने सबसे पहले दुकानें बंद की थीं।
पुलिस कार्रवाई से बढ़ा तनाव
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई शहरों में पुलिस द्वारा आंसू गैस के इस्तेमाल की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं और प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़कता दिख रहा है।
अंतरराष्ट्रीय नजरें भी ईरान पर
ईरान की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है। अमेरिकी विदेश विभाग ने प्रदर्शनकारियों के साहस की सराहना की है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान भारी महंगाई और कमजोर अर्थव्यवस्था से जूझ रहा है और वहां की जनता मौजूदा हालात से खुश नहीं है।फिलहाल ईरान में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार बातचीत और नीतिगत बदलावों से इस संकट को संभाल पाती है या नहीं।
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