Iran: ईरान में कोहराम: 12 हजार मौतों का दावा और ट्रम्प की ‘टैरिफ’ चेतावनी

Read Time:  1 min
Iran
Iran
FONT SIZE
GET APP

ईरान का सबसे बड़ा नरसंहार और वैश्विक प्रतिक्रिया

वाशिंगटन: ईरान(Iran) में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के 17वें दिन एक दहला देने वाली रिपोर्ट सामने आई है। ‘ईरान इंटरनेशनल’ के मुताबिक, सरकारी बलों (रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स) ने अब तक करीब 12,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी है, जिनमें से अधिकतर की उम्र 30 साल से कम थी। इस घटना को ईरान के आधुनिक इतिहास(Modern History) का सबसे बड़ा नरसंहार बताया जा रहा है। जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान की वर्तमान सत्ता का ‘खेल खत्म’ हो चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है

ट्रम्प का आर्थिक प्रहार: भारत समेत कई देशों पर संकट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान(Iran) के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसका सबसे बड़ा असर भारत, चीन और यूएई पर पड़ सकता है, जो ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार(Business Partner) हैं। भारत के लिए यह स्थिति अधिक चिंताजनक है, क्योंकि अमेरिका पहले ही भारत पर रूस से तेल खरीदने और अन्य कारणों से 50% टैरिफ लगा चुका है। यदि नया टैरिफ लागू होता है, तो भारतीय सामानों पर अमेरिका में कुल 75% टैक्स लग सकता है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और निर्यात बुरी तरह प्रभावित होगा।

अन्य पढ़े: अमेरिका का ग्रीनलैंड मिशन

ईरान की गिरती अर्थव्यवस्था और सैन्य धमकी

आंतरिक विद्रोह और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच ईरान(Iran) की मुद्रा ‘रियाल’ की वैल्यू लगभग शून्य हो गई है। आर्थिक संकट के बावजूद ईरानी नेतृत्व झुकने को तैयार नहीं है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने कोई सैन्य कार्रवाई की, तो ईरान क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी मिलिट्री बेस और इजराइल को निशाना बनाएगा। दूसरी ओर, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट कल ट्रम्प के टैरिफ लगाने के अधिकारों पर बड़ा फैसला सुनाने वाला है, जो वैश्विक बाजारों की दिशा तय करेगा।

ईरान में चल रहे इन प्रदर्शनों की मुख्य वजह क्या है और सरकार का क्या रुख है?

ईरान(Iran) में लोग सरकार की दमनकारी नीतियों और खराब आर्थिक स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ का इस्तेमाल कर रही है। वहीं, सरकार इन प्रदर्शनों को विदेशी साजिश बता रही है और पकड़े गए लोगों को कड़ी सजा देने की चेतावनी दे रही है।

अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का भारत पर क्या असर होगा?

भारत के लिए यह दोहरी मार जैसा है। भारत पहले से ही 50% टैरिफ का सामना कर रहा है। ईरान से व्यापार जारी रखने पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगने से भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। भारत फिलहाल इन टैरिफ को घटाकर 15% करने और रूस से तेल खरीद पर लगी पेनल्टी को हटाने के लिए अमेरिका से बातचीत कर रहा है।

अन्य पढ़े:

Dhanarekha

लेखक परिचय

Dhanarekha

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।