अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का बड़ा खुलासा
वाशिंगटन: अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बावजूद ईरान(Iran) की सरकार और उसका धार्मिक नेतृत्व अभी भी बेहद मजबूत बना हुआ है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट्स के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद भी ईरान की सत्ता व्यवस्था में कोई दरार नहीं आई है। नया नेतृत्व (मुजतबा खामेनेई) सफलतापूर्वक सत्ता में आ चुका है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ मिलकर देश की प्रशासनिक और सैन्य व्यवस्था पर उनका पूरा नियंत्रण बरकरार है।
सैन्य विकल्प और जमीनी हकीकत की चुनौती
व्हाइट हाउस और ट्रम्प प्रशासन के लिए ईरान(Iran) के कट्टरपंथी शासन को हटाना एक जटिल चुनौती बन गया है। भले ही अमेरिका(America) और इजराइल ने महत्वपूर्ण एयर डिफेंस और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन खुफिया आकलन यह स्पष्ट करता है कि बिना बड़े पैमाने पर जमीनी सैन्य कार्रवाई के सरकार को गिराना लगभग असंभव है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान के अंदर फिलहाल कोई ऐसी संगठित विपक्षी ताकत नहीं है, जो मौजूदा व्यवस्था को चुनौती देने में सक्षम हो।
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कुर्द मिलिशिया और भविष्य की अनिश्चितता
इराक स्थित ईरानी कुर्द समूहों ने अमेरिका से समर्थन और हथियारों की मांग की है ताकि वे ईरान(Iran) के अंदर सरकार विरोधी विद्रोह भड़का सकें। हालांकि, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट इन समूहों की क्षमता पर संदेह जताती है, क्योंकि उनके पास ईरानी सुरक्षा बलों से लड़ने के लिए पर्याप्त हथियार और संसाधन नहीं हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी फिलहाल इन समूहों को सैन्य मदद देने के विचार को खारिज कर दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका युद्ध के दायरे को और अधिक बढ़ाने को लेकर सतर्क है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ईरान की सरकार के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला है?
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का स्पष्ट मानना है कि ईरान की धार्मिक और सैन्य नेतृत्व वाली व्यवस्था अत्यंत मजबूत है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु और शीर्ष कमांडरों के मारे जाने के बाद भी वहां की सत्ता व्यवस्था एकजुट है, और वहां की बिखरी हुई विपक्षी ताकतों में सरकार को बदलने या चुनौती देने की क्षमता नहीं है।
ईरान में सरकार गिराने के लिए अमेरिका के सामने सबसे बड़ी बाधा क्या है?
सबसे बड़ी बाधा ईरान की संगठित सुरक्षा और धार्मिक व्यवस्था है। रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य हमलों से वहां का शासन टूटने के बजाय और अधिक एकजुट हो रहा है। साथ ही, अमेरिका के लिए जमीनी कार्रवाई करना एक बड़ा जोखिम है और कुर्द जैसे स्थानीय समूहों के पास ईरानी सुरक्षा बलों का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त सैन्य संसाधन नहीं हैं।
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