स्पेस सेंटर और एयर डिफेंस फैक्ट्री को किया तबाह
तेहरान: इजरायली सेना (IDF) ने तेहरान स्थित ईरानी(Iran) अंतरिक्ष एजेंसी के मुख्य रिसर्च सेंटर और प्रमुख एयर डिफेंस सिस्टम प्रोडक्शन फैक्ट्री को नष्ट करने का दावा किया है। इन केंद्रों का उपयोग सैन्य उपग्रह बनाने और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा था। इजरायल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी से जारी लगातार हमलों के बीच, यह कार्रवाई ईरान की तकनीकी और रक्षात्मक क्षमता को गहरा झटका देने के उद्देश्य से की गई है।
तनाव के साये में पश्चिम एशिया
क्षेत्रीय संघर्ष(Regional Conflict) अब और अधिक व्यापक होता जा रहा है। शुक्रवार रात को ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के प्रमुख शहरों(Iran) पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इजरायल न केवल ईरान में, बल्कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर भी आक्रामक हमले कर रहा है, जिसके कारण दस से अधिक देश इस युद्ध की चपेट में आ चुके हैं। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर एनर्जी सप्लाई और शांति के लिए गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
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युद्ध के लंबे खिंचने के संकेत
यहां के रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। अमेरिकी प्रशासन ने भी ईरान(Iran) से कड़ा रुख अपनाते हुए आत्मसमर्पण की मांग की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों पक्षों के बीच चल रही यह सैन्य तनातनी फिलहाल थमने वाली नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक अस्थिरता की आशंका बनी हुई है।
इजरायल ने ईरान के किन दो प्रमुख सैन्य केंद्रों को तबाह करने का दावा किया है?
इजरायल ने ईरान के स्पेस रिसर्च सेंटर और एरियल डिफेंस सिस्टम (हवाई रक्षा प्रणाली) प्रोडक्शन फैक्ट्री को तबाह करने का दावा किया है।
पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा सैन्य संघर्ष का वैश्विक एनर्जी सप्लाई पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
इस संघर्ष की चपेट में दस से अधिक देशों के आने के कारण वैश्विक स्तर पर एनर्जी सप्लाई (ऊर्जा आपूर्ति) गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
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