ट्रम्प की नाकाबंदी का असर
Iran oil export loss : हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना द्वारा लागू की गई नाकाबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह कदम उठाया है।
रोज़ाना भारी नुकसान
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार इस नाकाबंदी के कारण ईरान को रोज़ करीब 435 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। भारतीय मुद्रा में यह लगभग 4,081 करोड़ रुपये के बराबर है।
निर्यात पर असर
इस कदम से ईरान के तेल निर्यात के अलावा उर्वरक, खाद्य पदार्थ और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।
महंगाई बढ़ने की आशंका
विश्लेषकों का मानना है कि इससे ईरान में महंगाई तेजी से बढ़ सकती है। साथ ही वैश्विक तेल बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है।
जास्क टर्मिनल विकल्प
अगर ईरान अपने तेल निर्यात को हॉर्मुज के बाहर स्थित जास्क टर्मिनल की ओर मोड़ता है तो कुछ नुकसान कम हो सकता है।
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खार्ग द्वीप का महत्व
ईरान के लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात खार्ग द्वीप से होते हैं। यह क्षेत्र फारस की खाड़ी के अंदर होने के कारण (Iran oil export loss) अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लक्ष्य बन सकता है।
चीन पर भी दबाव
ईरान से तेल खरीदने वाले देशों में चीन सबसे बड़ा ग्राहक है। इसलिए ट्रम्प का यह कदम चीन पर भी दबाव बनाने की रणनीति माना जा रहा है।
अमेरिका के लिए भी चुनौती
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है। इतने बड़े समुद्री मार्ग की निगरानी करना अमेरिकी नौसेना के लिए भी बड़ी चुनौती होगा।
रणनीतिक लक्ष्य
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका का लक्ष्य सीधे युद्ध किए बिना ईरान की आर्थिक ताकत को कमजोर करना है। अगर यह नाकाबंदी लंबे समय तक जारी रहती है तो ईरान के निर्यात लगभग ठप पड़ सकते हैं।
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