हैदराबाद। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने मंगलवार को संविधान के निर्माता (The Framers of the Constitution) भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक महान दूरदर्शी बताया, जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों और उनकी समानता के लिए अथक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर की सोच से प्रेरित होकर, केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संसद में महिला आरक्षण विधेयक पेश करने जा रही है। बंडी संजय ने सभी से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विधेयक को अपना समर्थन देने की अपील की। अंबेडकर जयंती (Ambedkar Jayanti) के अवसर पर, बंडी संजय कुमार ने महान नेता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मीडिया को एक बयान जारी किया। अपने बयान में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंबेडकर के आदर्शों से प्रेरित होकर नरेंद्र मोदी सरकार ने विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
शोषित वर्गों के लिए आशा की किरण
उन्होंने संसद के प्रत्येक सदस्य से राजनीतिक विचारों से ऊपर उठकर विधेयक को अपना समर्थन देने की अपील की। केंद्रीय मंत्री ने अंबेडकर को समाज के शोषित वर्गों के लिए आशा की किरण बताया और कहा कि अंबेडकर एक बुद्धिजीवी थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन अस्पृश्यता को मिटाने और जातिवाद की इस भयावह बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए समर्पित कर दिया। संजय ने कहा कि भाजपा बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों और दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए अथक प्रयास कर रही है और उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने संसद में यह घोषणा करके अंबेडकर के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा प्रदर्शित की कि प्रधानमंत्री पद पर उनका आसीन होना अंबेडकर द्वारा उन्हें दिया गया एक उपहार—एक कृपा—है।
बंडी संजय कौन हैं?
बंडी संजय कुमार भारत के एक प्रमुख राजनेता हैं। वे तेलंगाना से सांसद रह चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य अध्यक्ष भी रहे हैं। अपनी राजनीतिक गतिविधियों और जनसभाओं के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं। उन्होंने तेलंगाना की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है और विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखते हैं।
श्री बंदी संजय कुमार कौन हैं?
राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय यह नेता बंडी संजय कुमार के नाम से जाने जाते हैं। वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं और करिमनगर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। संगठनात्मक कार्यों और जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए उनकी पहचान बनी है। वे तेलंगाना की राजनीति में एक महत्वपूर्ण चेहरा माने जाते हैं।
महाभारत में संजय कौन थे?
महाकाव्य महाभारत में संजय राजा धृतराष्ट्र के सारथी और सलाहकार थे। उन्हें दिव्य दृष्टि प्राप्त थी, जिसके कारण वे कुरुक्षेत्र युद्ध का पूरा दृश्य हस्तिनापुर में बैठे-बैठे देख सकते थे। उन्होंने ही धृतराष्ट्र को युद्ध की घटनाओं का वर्णन सुनाया, जिससे पूरे युद्ध का विवरण ज्ञात हुआ।
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