तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 27 दिनों से जारी युद्ध अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस संघर्ष का केंद्र अब खर्ग द्वीप बन गया है, जो ईरान की आर्थिक लाइफलाइन (Economic Lifeline) माना जाता है। यहां से देश का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल निर्यात होता है।
रणनीतिक रूप से बेहद अहम है खर्ग द्वीप
खर्ग द्वीप ईरान (Kharg Island, Iran) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उसके तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है। ऐसे में अमेरिका द्वारा यहां सैन्य कार्रवाई की आशंका को देखते हुए ईरान पूरी तरह सतर्क हो गया है और किसी भी हमले का जवाब देने की तैयारी कर चुका है।
द्वीप को बनाया गया सैन्य किला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पिछले कुछ हफ्तों में इस द्वीप को एक मजबूत सैन्य किले में तब्दील कर दिया है। द्वीप के चारों ओर बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं और ड्रोन तथा बैलिस्टिक मिसाइल (Drone and Ballistic Missile) हमलों की तैयारी की गई है, ताकि किसी भी बाहरी हमले का तुरंत जवाब दिया जा सके।
संसद स्पीकर की खुली चेतावनी
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी ने ईरान के किसी भी द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश की, तो बिना किसी रोक-टोक के जवाबी हमला किया जाएगा और दुश्मनों के अहम ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
पहले भी हो चुका है बड़ा हमला
बताया जा रहा है कि 13 मार्च को अमेरिका इस द्वीप पर बड़ा हमला कर चुका है, जिसमें 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। हालांकि तेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझकर नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
अमेरिका में भी योजना पर उठ रहे सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार खर्ग द्वीप पर कब्जे के विकल्प पर विचार कर रही है, लेकिन इस योजना को लेकर अमेरिका के भीतर ही सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारी जोखिम भरा साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों ने दी भारी नुकसान की चेतावनी
रिटायर्ड एडमिरल जेम्स स्टैवरिडिस ने चेतावनी दी है कि ईरान इस तरह की किसी भी कार्रवाई का जवाब बेहद आक्रामक तरीके से देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिकों को समुद्र और जमीन दोनों जगह भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सैटेलाइट से नजर, फिर भी खतरा बरकरार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना खर्ग द्वीप पर लगातार सैटेलाइट के जरिए नजर बनाए हुए है। इसके बावजूद विशेषज्ञ मानते हैं कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई करना बेहद खतरनाक होगा।
खाड़ी देशों की भी चेतावनी
खाड़ी देशों ने भी अमेरिका को आगाह किया है कि अगर खर्ग द्वीप पर कब्जा किया गया, तो इससे युद्ध और लंबा खिंच सकता है। साथ ही पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी और ईरान अन्य देशों के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बना सकता है।
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