Iran war news : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। खासकर Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव ने अमेरिका को भी प्रभावित किया है। युद्ध के कारण Strait of Hormuz में बाधा उत्पन्न हो गई है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है।
युद्ध से पहले अमेरिका में पेट्रोल की कीमत लगभग 3 डॉलर प्रति गैलन थी, जो अब बढ़कर 4 डॉलर तक पहुंच गई है। यानी करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। भारतीय मुद्रा में देखें तो यह वृद्धि लगभग ₹25 से ₹30 प्रति लीटर के बराबर मानी जा रही है।
वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। पहले जहां एक बैरल तेल की कीमत करीब 70 डॉलर थी, अब यह बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच गई है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति हॉर्मुज जलसंधि के जरिए होती है। इस मार्ग में बाधा आने से तेल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक उछाल आया है।
अमेरिका में खासतौर पर डीजल की कीमत ज्यादा बढ़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार डीजल की कीमत $1.24 से बढ़कर $1.34 प्रति बैरल तक पहुंच गई है। पिछले महीने ही डीजल की कीमतों में काफी वृद्धि दर्ज की गई।
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अमेरिका की राजनीति पर असर
युद्ध में Israel के साथ मिलकर अमेरिका ने ईरान पर हमले (Iran war news) किए हैं, लेकिन ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों में काफी नुकसान होने की खबरें हैं।
इन हालात में अमेरिका अब युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमले 10 दिनों के लिए रोकने की घोषणा की है। साथ ही हॉर्मुज जलसंधि को फिर से खोलने के लिए समझौते की कोशिशें भी चल रही हैं।
बढ़ते विरोध प्रदर्शन
अमेरिका में बढ़ती ईंधन कीमतों और महंगाई के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से आम नागरिकों का खर्च बढ़ गया है और कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी अमेरिकी राजनीति पर भी असर डाल सकती है।
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